करीब 26.30 करोड़ रुपए लागत का सीवल-नावरा रोड बनाने में निर्माण कंपनी देरी कर रही है। यही कारण है कि दो साल में रोड आधा भी नहीं बन पाया है। कहीं रोड अधूरा है तो कहीं पुलियाएं अधूरी पड़ी हैं। लोक निर्माण विभाग ने रोड निर्माण का ठेका गुजरात की ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है। लेकिन अब तक कंपनी काम पूरा नहीं करा पाई है। ऐसे में लोगों को इस रोड से आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण रोड पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया है। कीचड़ होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
गौरतलब है कि करीब दो साल पहले यह रोड स्वीकृत कर निर्माण शुरू किया गया था। लेकिन कंपनी द्वारा किए जा रहे निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि दो साल में भी काम पूरा नहीं हो पाया। इसी बीच मार्च से लाॅकडाउन लग गया। इस कारण यहां काम कर रहे मजदूर अपने घर लौट गए और काम बंद हो गया। जब लाॅकडाउन से थोड़ी राहत मिली तो बारिश शुरू हो गई। ऐसे में रोड पर बनने वाली चार में से दो पुलियाओं में पानी जमा हो गया। इस कारण यहां काम कराना संभव नहीं है। काम में देरी के कारण इस बारिश में भी बदहाल रोड की समस्या बरकरार रही। रोड पर गड्ढे और कीचड़ के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल हो रही है।
केस 1 : अंबाड़ा से हिंगना को जोडने वाली पुलिया अधूरी
ग्राम अंबाड़ा से हिंगना को जोड़ने वाली पुलिया जर्जर है। सालभर पहले निर्माण की स्वीकृति मिली और करीब 9महीने पहले काम शुरू हुआ। लेकिन अब तक आधा भी काम नहीं हुआ। बारिश में परेशानी है। निर्माण करीब 2.61 करोड़ रुपए से लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है।
केस 2 : भातखेड़ा पुलिया से भी ग्रामीण उठा रहे फजीहत
भातखेड़ा रोड पर दो पुलियाएं बनना हैं, निर्माण आज तक नहीं किया गया। ग्रामीण और किसान आंदोलन भी कर चुके हैं। तब अधिकारियों ने लीपापोती कर साइड से एक रास्ता निकाल दिया था। आवाजाही के लिए बनाया गया अस्थायी रास्ता भी बारिश में बह गया। अस्थायी रास्ते से सटकर एक कुआं है, जो पानी से भरा रहता है।
केस 3 : ले-आउट डालकर छोड़ दिया मसक नदी पुलिया का काम
मसक नदी पुलिया का काम लाॅकडाउन से एक माह पहले शुरू होने वाला था, सिर्फ ले-आउट डालकर छोड़ दिया । ले-आउट डालने को भी छह महीने हो गए। पलासुर के पास बन रही पुलिया को भी एक साल बीत गया है। पिछले साल यहां काम शुरू किया था। धार नदी पर बन रही पुलिया के बंद होने से कई गांवों का संपर्क नेपा से टूट जाता है।
बारिश के कारण आ रही परेशानी
^बारिश के कारण काम की गति धीमी हो गई है। पहले लाॅकडाउन के कारण मजदूरों के न मिलने से दिक्कत आई थी। सीवल से डाभिया रोड का कुछ हिस्सा पूरा हो गया है। वन विभाग से दोबारा परमिशन ली जा रही है। वन विभाग की अनुमति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
सुमित पाटीदार, एसडीओ लोक निर्माण विभाग बुरहानपुर
चार महीने पहले खोदे गड्ढे, ऐसे ही छोड़ दिए, भरे भी नहीं
ग्रामीणों का कहना है रोड निर्माण कंपनी के ठेकेदार ने काम में भारी लापरवाही बरती। चार महीने पहले यहां गड्ढे खोदकर इन्हें ऐसा ही छोड़ दिया गया। कुछ दिन पहले हुई बारिश में आधे से ज्यादा रास्ता बह गया। कंपनी को इस मार्ग पर तीन-चार बड़ी पुलियाएं बनाना हैं, लेकिन अब तक एक भी पुलिया का निर्माण नहीं किया गया है। 22 मार्च के बाद लाॅकडाउन लगने से काम पूरी तरह बंद हो गया। अब पहली ही बारिश में रोड बह गया। वहीं सालभर में ठेकेदार ने रोड के अधिकांश हिस्से को सिर्फ समतल करने का ही काम किया।
वन विभाग से सीवल से डाभिया के लिए मिली मंजूरी भी खत्म हुई
सीवल और नावरा के अलावा सीवल से डाभिया रोड का निर्माण भी इसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इसमें वन विभाग की जमीन भी आ रही है। इसको लेकर वन विभाग ने ठेकेदार कंपनी को एक साल की परमिशन दी थी, लेकिन बताया जा रहा है कि पिछले दिनों इस परमिशन की अवधि भी खत्म हो गई। ठेकेदार द्वारा दूसरी बार परमिशन ली जाएगी। यहां काम शुरू हो पाएगा। लोक निर्माण विभाग अफसरों का कहना है कि डाभिया से नावरा के बीच कांक्रीट रोड का कुछ हिस्सा बना द है। कई जगह पुलियाओं में पानी भरने से परेशानी हो रही है।
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