सेंट्रल जीएसटी इंटेलीजेंस ने कोयल घोटाले में शामिल रहे केजेएस सीमेंट कंपनी के मालिक पवन कुमार अहलुवालिया के मप्र स्थित दो प्लांट समेत तीन राज्यों के 28 ठिकानों में छापे मारकर 17.2 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी है। विभाग ने 52.39 लाख रुपए की नकदी भी जब्त की है। टीम ने कंपनी के डायरेक्टर कुशल सिंह सिंघवी को गिरफ्तार किया है, जबकि अहलुवालिया फरार हैं। सिंघवी को 25 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में सेेंट्रल जेल भेज दिया है।
डीजी जीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केजेएस सीमेंट ने दो राज्यों में यह टैक्स चोरी की है। टीम ने मैहर, सतना के साथ इलाहाबाद, कुशीनगर, आगरा, कानपुर और दिल्ली में भी कार्रवाई की। जांच में यह पाया गया कि केजेएस सीमेंट ने जनवरी से जुलाई तक 4 लाख टनल अतिरिक्त लाइम स्टोन का खनन किया। लाइम स्टोन से सीमेंट बनता है, लेकिन हिसाब किताब में इसका कहीं उल्लेख ही नहीं है।
इससे कुल 15.1 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी की गई। कंपनी में 12 लाख सीमेंट बोरियां भी कम पाई गईं। विभाग को आशंका है कि अतिरिक्त मात्रा में प्राप्त किए गए लाइम स्टोन को इन्हीं बोरियों में अवैध तरीके से डीलर्स को भेजा गया था। इसके अतिरिक्त विभाग को 2018 में 7.5 करोड़ के बेहिसाब लेन देन के प्रमाण भी मिले। इन लेनदेन में 2.1 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी की गई।
पवन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
टैक्स चोरी 5 करोड़ रुपए से अधिक होने के कारण पवन अहलुवालिया समेत 2 संचालकों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अहलूवालिया को सीबीआई की एक विशेष अदालत ने 2017 में कोयला घोटाले में दोषी पाया गया था। उसे तीन साल की सजा और 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। उसकी कंपनी पर भी 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था।
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