एसटीएफ उज्जैन टीम ने इंदौर निवासी बड़े जालसाज को गिरफ्तार किया जो मंत्री व आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से धोखाधड़ी कर रहा था। इस बार खुद को एसटीएफ एडीजी विपिन माहेश्वरी बताकर सीहोर के समीप आमला टोल प्लाजा के मैनेजर से चार लोगों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव बना रहा था, इसी कारण आशंका हुई और टोल मैनेजर ने इस संदर्भ में एडीजी माहेश्वरी से भी संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी जिसके बाद उज्जैन टीम ने रविवार को इंदौर रोड टोल नाके से जालसाज को गिरफ्तार कर लिया।
इंदौर की शालीमार टाउनशीप में रहने वाला ज्योर्तिमय उर्फ ज्योति विजयवर्गीय 47 साल को पकड़ा गया है। मूलत; देवास के बजरंगपुर का वह निवासी है और कई सालों से इसी तरह की धोखाधड़ी में लिप्त बताया जा रहा है। रविवार को एसटीएफ उज्जैन एसपी गीतेश गर्ग ने खुलासा करते हुए बताया कि आमला टोल के मैनेजर जितेंद्र जाट ने इस बारे में सूचना दी कि फोर्चुनर कार एमपी 04 सीए-0270 से एक व्यक्ति आए दिन निकलता है और खुद को एडीजी विपिन माहेश्वरी बताता है। उनके जिस नंबर से फोन आता है ट्रू काॅलर में भी आईपीएस विपिन माहेश्वरी नाम ही शो होता है। वह तीन दिन से फोन लगाकर यह दबाव बना रहे है कि उनके चार-पांच लोगों को टोल पर नौकरी पर रखे।
एसपी गर्ग ने बताया कि टोल कंपनी वालों की आशंका के बाद ही जालसाज पकड़ा गया। वह 14 लाख रुपए कीमत की जिस कार में घूम रहा था वह इंदौर के राजीव आर्य की है। आर्य से जनवरी 2020 में उसने कार लेने के बाद जो चेक दिए थे वह बाउंस हो गए। कार मालिक भी तभी से परेशान होकर रुपए के लिए ठग के चक्कर लगा रहा था। रविवार को गिरफ्तारी के बाद निरीक्षक दीपिका शिंदे व एसआई एनएस परमार आरोपी को भोपाल कोर्ट में रिमांड के लिए पेश करने ले गए।
जालसाज के घर से 11 मोबाइल व सात सिम और 100 से अधिक चेकबुक भी मिली
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ज्योति 12वीं पास भी नहीं है। उसके पिता बैंक नोटप्रेस में रहे है व बहनें भी सरकारी नौकरी में है। एकमात्र उक्त आरोपी ही इसी धंधेबाजी में लग गया। उनसे घर में काम करने वाले नौकरों तक के नाम की चेकबुक अपने यहां रखी हुई थी। सौ से अधिक चेकबुक समेत 7 सिमकार्ड व 11 मोबाइल भी जब्त हुए है। कई चेक पर लोगों के पहले से हस्तांक्षर भी कराए हुए है। आपराधिक रिकाॅर्ड भी पता किया गया है, जिसमें उज्जैन के इंगोरिया समेत मुंबई में भी धोखाधड़ी में पूर्व में वह पकड़ा चुका है। इंदौर के लसूड़ियां थाने में छेड़छाड़ का केस दर्ज है।
शिवराजसिंह व कैलाश विजयवर्गीय के नाम से खुद ही दूसरे मोबाइल से चैटिंग करता था
एसटीएफ की टीम को पूछताछ में यह पता चला कि उक्त आरोपी करीब सात साल से अधिक समय से इस तरह की धोखाधड़ी में लिप्त है। उसने एक जैसी सीरिज वाले नंबर की सीम कार्ड खरीदी हुई थी व ट्रू कॉलर में सर्च करने पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नाम शो होते थे। शातिर आरोपी दूसरे मोबाइल से उनके नाम से खुद के नंबर पर फोन व वाट्सएप चैटिंग करता था फिर लोगों को दिखाता था कि वह उनका बहुत करीबी है। रोज बात होती है। आशंका है कि उनके नाम से भी वह ठगी करता होगा। कई लोगों को यह तक कहता था कि आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग भी वही करवाता है। निरीक्षक शिंदे ने बताया कि आरोपी का कोर्ट से रिमांड मांगा है, पूछताछ में और भी वारदातों के खुलासे की संभावना है।
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