शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

रेत निकालकर नर्मदा को छलनी तो किया ही, डंपरों पर ओवरलोडिंग से 105 किमी की सड़कें भी उखड़ीं

रेत निकालकर नर्मदा को छलनी तो किया ही, डंपरों पर ओवरलोडिंग से 105 किमी की सड़कें भी उखड़ीं
बुदनी विधानसभा के नर्मदा तटीय घाटों से करीब एक हजार किश्तियों से इस समय रेत निकाली जा रही है। इसे घाट पर लाने के बाद करीब 3 हजार ट्रालियों से रोड किनारे डंपरों तक पहुंचाया जा रहा है। बाद में डंपरों में भरकर रेत का परिवहन किया जा रहा है। इसका खामियाजा गांवों के लोग भुगत रहे हैं। दरअसल कम वजन सहने की क्षमता रखने वाली पीएम सड़कों से रोज ओवरलोड डंपर निकल रहे हैं। नतीजा क्षेत्र की करीब 105 किमी सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। हालात ये हैं कि जो सड़कें कुछ समय तक चकाचक थीं,उनमें अब कीचड़ ही कीचड़ पसरा हुआ है।
खुलेआम हो रहा रेत का अवैध उत्खनन :बुदनी से लेकर छिपानेर घाट तक करीब 1 हजार से अधिक किश्तियों से नर्मदा के 19 घाटों से रेत निकाली जा रही है। इन घाटों के किनारे से करीब 3 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्राली से रेत का परिवहन रोड तक किया जा रहा है। यहां से डंपरों में रेत भरी जाती है।
नया धंधा: नर्मदा घाटों पर अवैध शराब की बिक्री भी
नर्मदा तटीय गांव की 5 किमी सीमा में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध है। बावजूद नर्मदा तटीय गांव में अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई है। केवट नाव में बैठकर शराब का सेवन कर नर्मदा में ही शराब की खाली बोतल फेंक रहे हैं।
नाकाबंदी हो तो लग सकती है लगाम
नर्मदा घाट छिपानेर व चौरसाखेड़ी के लिए खारदा रोड व इटावा मुख्य मार्ग, सातदेव, टिगाली के लिए बोरखेड़ा मार्ग, मंडी सीलकंठ, आंबा, बड़गांव, नीलकंठ, छिदगांव काछी के लिए मंडी नहर पर नाकेबंदी हो तो रोक लग सकती है।
ठेका 109 करोड़ का पर नुकसान दोगुने से ज्यादा
आंध्र प्रदेश की कंपनी को जिले की रेत खदानों का ठेका करीब 109 करोड़ रुपए में दिया है। सरकार की मंशा थी कि यहां से अच्छा राजस्व प्राप्त होगा लेकिन रेत के डंपरों से ग्रामीण सड़कों से परिवहन करने के कारण करीब 105 किमी सड़कें खराब हो चुकी हैं। इनमें एक किमी सड़क निर्माण में करीब 1 करोड़ से ज्यादा का खर्च आता है।
कहां की सड़कें हुई हैं खराब
क्षेत्र की जो सड़कें खराब हुई हैं, उनमें सातदेव-बोरखेड़ा 16 किमी, सातदेव-नसरुल्लागंज 19 किमी, मंडी जोड़-आंबा-बड़गांव 18 किमी, छिपानेर-इटावा 8 किमी, बाबरी-कलबाना 14 किमी, नीलकंठ-नसरुल्लागंज 8 किमी, नसरुल्लागंज-कोसमी 22 किमी हैं। सड़कों में क्षमता से अधिक रेत के वाहन चलने से गड्ढे व दरारें पड़ गई हैं।
रेत के अवैध कारोबार को रोकने कांग्रेस करेगी आंदोलन
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बलवीर तोमर ने बताया कि इस समय रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। यही नहीं अवैध परिवहन भी हो रहा है। अब कांग्रेस रेत के अवैध कारोबार को रोकने आने वाले दिनों में आंदोलन करेगी।
अवैध उत्खनन व परिवहन पर की जा रही कार्रवाई
अवैध उत्खनन व परिवहन पर रोक लगाने कार्रवाई की जा रही है। किश्तियों से रेत का परिवहन किए जाने की सूचना पर कार्रवाई की गई थी जो कि आगे भी जारी रहेगी। पुलिस समय समय पर नर्मदा तटीय गांवों में पहुंचकर अवैध शराब की जब्ती बना रही है। पिछले एक माह में 25 से अधिक कार्रवाई की गई है।
-दिनेश सिंह तोमर, एसडीएम


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रेत निकालकर नर्मदा को छलनी तो किया ही, डंपरों पर ओवरलोडिंग से 105 किमी की सड़कें भी उखड़ीं
Not only did he sieve Narmada by removing sand, overloading on the dumpers also uprooted 105 km of roads



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