मंगलवार, 16 जून 2020

जब देश में ज्यादा जानें जा रहीं, उज्जैन में 5 दिन में पहली मौत, वो भी निजी डॉक्टर की लापरवाही से, लेकिन संक्रमित बढ़े


शहर के लिए दो तरह की खबरें हैं। पहली राहतभरी। एक समय देश में सबसे ज्यादा मृत्युदर वाला शहर रहा उज्जैन अब सामान्य होने लगा है। जब देश में मृत्युदर तेजी से बढ़ रही है, तब यहां 5 दिन में पहली मौत सामने आई। हालांकि इसमें भी निजी क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर की लापरवाही थी। इससे अलग परेशानी वाले आंकड़े सामने आए हैं।
अनलॉक शहर में संक्रमित तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को 18 नए मरीज मिले। इन्हें मिलाकर पिछले 5 दिन में ही कोरोना के 60 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से कई केस नए क्षेत्रों में सामने आ रहे हैं। वहीं सोमवार को नौ मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। सीएमएचओ डॉ.महावीर खंडेलवाल ने बताया 331 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। जिनमें से 18 में संक्रमण पाया है।
संक्रमित मरीजों की संख्या हो गई 800 के पार
पॉजिटिव पाए लोगों में एक साल की बच्ची निवासी अब्दालपुरा, 35 साल के युवक, 30 साल की महिला, 8 साल का बालक सभी निवासी अब्दालपुरा हैं। काजीपुरा की 52 साल की महिला, 60 साल के बुजुर्ग, 31 साल की महिला, दशहरा मैदान की 74 साल की महिला, कुशलपुरा क्षेत्र की 24 साल की महिला, हरसिद्धि क्षेत्र की 50 साल की महिला, शांति नगर के 28 साल के युवक, जयसिंहपुरा के 35 साल के युवक, विनोद मिल की चाल के 20 साल के युवक, अलकापुरी कॉलोनी की 36 साल की महिला, कमला नेहरू मार्ग फ्रीगंज के 45 साल के व्यक्ति, 37 साल की महिला, नेहरू कॉलोनी तराना के 60 साल के बुजुर्ग, गोंदा की चौकी क्षेत्र के 26 साल के युवक में संक्रमण पाया है। कुल मरीजों का आंकड़ा 807 पर पहुंच गया है।
कांट्रेक्ट हिस्ट्री से खुलासा- कोरोना लक्षण के दो अन्य लोगों का भी डॉ.खंडेलवाल ने किया था इलाज, वे भी हैं पॉजिटिव
साेमवार को जिले में कोरोना से मौत का आंकड़ा 66 से बढ़कर 67 हो गया। ये वही वृद्धा थी जो सर्दी-खांसी होने पर देवाई नगर में डॉ.सुशील खंडेलवाल के क्लिनिक पहुंची थी। कोरोना लक्षण के बावजूद डॉ.खंडेलवाल ने खुद इलाज करने की कोशिश की। फीवर क्लिनिक नहीं भेजा। जब हालत बिगड़ी तो इनके सैंपल लिए और ये पॉजिटिव आई। सोमवार को आरडी गार्डी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वृद्धा के अलावा उनके यहां इलाज करवाने पहुंचे दो लोग और पॉजिटिव है।
ऐसी ही लापरवाही दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी
कोरोना पाॅजिटिव पाए जानेवाले रोगियों की कांटेक्ट हिस्ट्री से पता चला है कि दो फिजिशियंस द्वारा भी ऐसी ही लापरवाही की है। दो ऐसे मरीज मिले हैं जो इनके पास इलाज के लिए पहुंचे थे,इनमें कोराेना लक्षण होने के बावजूद फीवर क्लिनिक नहीं भेजा। खुद इलाज करने लगे। बाद में पॉजिटिव निकले।
कोरोना के लक्षण वालों की तत्काल सूचना दें-कलेक्टर
कलेक्टर ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को स्पष्ट किया है कि वे प्रारंभिक रूप से कोरोना लक्षण दिखाई देने पर तुरंत कंट्रोल रूम के नंबर 8815839307 पर सूचना दें। मरीज को कोरोना के तय जांच केंद्र भिजवाएं। ऐसे मामले यदि फिर से सामने आते हैं तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीटीएस से मरीजों को डिस्चार्ज करते डॉक्टर।




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