रविवार, 10 मई 2020

नेपाल से बेटी का रिश्ता लेकर आए लोग फंसे

नेपाल से बेटी का रिश्ता लेकर आए लोग फंसे
नेपाल के विराटनगर से अपनी बेटी का छेका लेकर 21 मार्च को बलिया पहुंचे राजनारायण कर्ण अपने 4 रिश्तेदारों के साथ वर पक्ष के यहां 50 दिनों से लॉकडॉउन की वजह से फंसे हैं। विराटनगर से लगभग 14 किलोमीटर दूर दुहबी बाजार से बीते 20 मार्च को बलिया प्रखंड अंतर्गत नुरजमापुर पंचायत के वार्ड 7 निवासी योगेंद्र प्रसाद सिन्हा के सबसे छोटे पुत्र सुजीत कुमार सिन्हा का छेका करने पहुंचे थे। ये लोग 21 मार्च को बलिया प्रखंड के नुरजमापुर पहुंचे थे। लेकिन छेका करने के बाद 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लग जाने के कारण घर वापस नहीं लौट सके। अब उन्हें 17 मई को लॉकडाउन के समाप्त होने का इंतजार है।
वर पक्ष के यहां फसे लोगों में लड़की के पिता नेपाल के विराटनगर जिले के दुहबी बाजार निवासी राज नारायण कर्ण, लड़की के नाना सप्तरी जिला के ठेरिया निवासी जगदीश मलिक, मौसा दुबही बाजार निवासी गंभीर कुमार कर्ण एवं सुनसरी जिला के दुबही बाजार निवासी पिंटू कुमार सिन्हा शामिल हैं। लड़की के पिता ने बताया कि घर से निकले 50 दिन हो गए हैं। यहां से जाने के बाद पुत्री की शादी की तैयारी करनी थी, लॉक डाउन की वजह से बलिया में फंस गए हैं तैयारी भी नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया कि घर से ज्यादा कपड़े एवं रुपए लेकर भी नहीं चले थे। । वहीं लड़का के पिता योगेंद्र प्रसाद सिन्हा ने बताया कि चार रिश्तेदार मेरे सबसे छोटे पुत्र की शादी को लेकर छेका करने 21 मार्च को आए थे जो 22 मार्च को बेगूसराय ट्रेन पकड़ने गए थे लेकिन जनता कर्फ्यू की वजह से पुलिस ने इन लोगों को लौटा दिया। इसके बाद से लड़की के पिता, नाना, मौसा एवं एक अन्य रिश्तेदार मेरे घर पर ठहरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी पंचायत के मुखिया से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों को भी दी गई है। लेकिन इनके घर भेजने को लेकर कोई सहयोग नहीं मिल सका है। वहीं जाप छात्र नेता सुमित कुमार यादव ने नेपाल से अपनी पुत्री की शादी को लेकर रिश्ता तय करने बलिया आए लोगों के फंसे रहने पर डीएम एवं बिहार सरकार से इनके घर वापसी की मांग की है।
नेपाल से बेटी का रिश्ता लेकर आए लोग फंसे
People caught bringing relationship with daughter from Nepal stranded



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