शुक्रवार, 1 मई 2020

वेतन काटा गया या नौकरी से निकाला तो होगी कार्रवाई


कोरोना संक्रमण महामारी का लॉकडाउन है। 22 अप्रैल से शहर की अधिकांश दुकानें दोपहर 1 बजे तक खुल रही हैं। जिले में 25 मार्च से 21 अप्रैल तक लॉकडाउन था।

 इस दौरान कई श्रमिकों को मजदूरी भुगतान नहीं मिलने का डर अब भी बना हुआ है। धमतरी जिले में 20 हजार से अधिक व्यावसायिक दुकानें हैं। इन दुकानों में 50 हजार से अधिक श्रमिक काम करते हैं। कई श्रमिकों को वेतन काटकर दिया गया है।

जानकारी के अभाव में श्रमिकों ने इसकी शिकायत अब तक नहीं की है। लॉकडाउन के दौरान श्रम विभाग में श्रमिकों को काम से निकाल, वेतन काटने की शिकायत अब तक नहीं मिली है। जिन श्रमिकों के वेतन काटे गए हैं, उन्हें निकाला गया है, तो वे श्रम विभाग में आवेदन कर शिकायत कर सकते हैं।

 संबंधित व्यावसायिक दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कहा था कि लॉकडाउन की अवधि में प्रतिष्ठान बंद होने का असर मजदूरों की मजदूरीपर नहीं पड़ेगा।

शिकायत मिली तो करेंगे कार्रवाई: श्रम अधिकारी
जिला श्रम अधिकारी अजय देशमुख ने कहा कि इंडस्ट्रीज वाले सभी मजदूरों का पेमेंट करेंेगे। व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों का वेतन नहीं काटेंगे। यदि ऐसा होता है, संबंधित श्रमिक श्रम विभाग में आवेदन कर सकता है। आगे की कार्रवाई सरकार के निर्देशानुसार की जाएगीl 

SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 coment rios:

Hi friends