शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

न बस मिलेगी-न ट्रेन, घर जाने के लिए किसी अफवाह में न आएं, Neither the bus nor the train, do not get into any rumors to go home,

न बस मिलेगी-न ट्रेन, घर जाने के लिए किसी अफवाह में न आएं,
न बस मिलेगी-न ट्रेन, घर जाने के लिए किसी अफवाह में न आएं, 

लॉकडाउन के दौरान आप अफवाहों पर न जाएं और अपने दिमाग से काम करें. 3 मई तक देश में सबकुछ बंद है. कोई कहीं आ-जा नहीं सकता है. इस दौरान न रेल चलेगी और न ही बस. अगर आपने खुद के वाहन से या पैदल निकलने की कोशिश की भी तो भी राज्य और जिलों की सीमाएं सील हैं, वहां से आगे आप नहीं जा पाएंगे और कानून तोड़ने के जुर्म में पुलिस आपको गिरफ्तार तक कर सकती है.

  
न बस मिलेगी-न ट्रेन, घर जाने के लिए किसी अफवाह में न आएं, जहां हैं वहीं रहें

अफवाहों पर यकीन बढ़ा सकता है मुश्किलें3 मई तक लॉकडाउन का पालन करें, घर पर ही रहेंपुलिस और प्रशासन आपकी मदद के लिए तैयार है


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. इसी के साथ ही देश में ट्रांसपोर्ट के तमाम साधन 3 मई तक बंद रहेंगे. इसलिए आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप इस वक्त जहां हैं, लॉकडाउन खत्म होने तक वहीं रहें, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में कहीं भी आने-जाने की कोशिश आपको परेशानी में डाल सकती है.


इस दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें कुछ लोग फैलाते हैं और उन्हें बताया जाता है कि ट्रेनें चल रही हैं, गाड़ियां चल रही हैं. हमारी आपसे अपील है कि इन अफवाहों पर बिल्कुल भी यकीन न करें.


आप अफवाहों पर न जाएं और अपने दिमाग से काम करें. 3 मई तक देश में सबकुछ बंद है. कोई कहीं आ-जा नहीं सकता है. इस दौरान न रेल चलेगी और न ही बस.


अगर आपने खुद के वाहन से या पैदल निकलने की कोशिश की भी तो भी राज्य और जिलों की सीमाएं सील हैं, वहां से आगे आप नहीं जा पाएंगे और कानून तोड़ने के जुर्म में पुलिस आपको गिरफ्तार तक कर सकती है.


किसी तरह जो लोग अपने गांव पहुंच भी जा रहे हैं, उन्हें भी उनके गांव या मोहल्ले में नहीं घुसने दिया जा रहा है, बल्कि वहां पर भी उन्हें क्वारनटीन करके रखा जा रहा है.


गांव का मुखिया या स्थानीय प्रशासन शहर से ग्रामीण इलाकों में पहुंचने वाले लोगों को पकड़कर स्कूलों, अन्य इमारतों में बने क्वारनटीन सेंटर में रख रहा है. इन्हें 14 दिनों तक वहीं पर रहना पड़ेगा. इस तरह से आप गांव पहुंचकर भी अपने परिवार से नहीं मिल पाएंगे, बल्कि उन्हें भी परेशान करेंगे.


दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में क्वारनटीन सेंटर के हालात आपकी परेशानी को और भी बढ़ा सकते हैं. भीड़ में बाहर निकलना या यात्रा करना आपको कोरोना का मरीज बना सकता है जो आपके लिए जानलेवा हो सकता है.

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