रविवार, 26 अप्रैल 2020

एक-दूसरे का बढ़ाया हौंसला इसलिए कोरोना की जंग जीतकर लौटे 7 मरीज


जिलेवासियों को लिए अच्छी खबर है कि शनिवार को सात (6 बड़वानी और एक सेंधवा) कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर अपने-अपने घर लौटे। सुबह 10.30 बजे इन्हें छुट्‌टी दी गई। फूलों की बारिश कर स्वागत किया। तालियां बजाकर हौंसला बढ़ाया। ठीक हुए मरीजों ने अनुभव बताते हुए कहा कि भर्ती रहने के दौरान एक-दूसरे को हौंसला बढ़ाया, किसी ने हिम्मत नहीं हारी और ठीक होकर घर लौट रहे हैं। वहीं घर जाते हुए मरीजों को वार्ड में भर्ती अन्य मरीज खिड़की से देख रहे थे। इनका भी अधिकारियों ने हौंसला बढ़ाया और कहा कि आप भी जल्द ठीक होकर घर जाएंगे।

प्रभारी सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया जिले में 24 कोरोना के मरीज थे। इनमें से 13 मरीज जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर (आइसोलेशन वार्ड) में भर्ती हैं। 7 की दो निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद इन्हें शनिवार को छुट्‌टी दे दी गई। वहीं 6 अभी और भर्ती हैं। वहीं 11 मरीज इंदौर में भर्ती हैं। इनमें से चार की पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। एक और रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हें भी छुट्‌टी मिल जाएगी। इसके अलावा जिलेवासियों के लिए ये भी अच्छी खबर है कि जिले में 18 अप्रैल के बाद कोई नया केस सामने नहीं आया है। यदि अब नए मरीज नहीं मिले तो मई में जिला कोरोना मुक्त हो जाएगा।

ठीक हुए सात मरीजों ने बताए अपने अनुभव और कैसे बढ़ा उनका हौंसला

डॉ. अनिता सिंगारे (सीएमएचओ) : भर्ती रहने के दौरान सभी ने एक-दूसरे का हौंसला बढ़ाया। अधिकांश समय सभी मरीज एक-दूसरे से बात करते रहते थे। इससे घर की याद न आए। हमने पूरा इलाज लिया और कोरोना को हरा दिया।

वीणा पंवार (स्टाफ नर्स) : भर्ती के दौरान अच्छा इलाज मिला। इसका नतीजा ही है कि हम जल्दी ठीक हुए। इस बीमारी से किसी को घबराने की जरुरत नहीं है। सभी ठीक हो सकते हैं। प्रयास करना है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते रहें।

मंसा पांडे (मेट्रन) : भर्ती रहने के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। आइसोलेशन वार्ड में घर जैसी ही सुविधाएं मिली। समय पर भोजन मिलता था। इलाज भी समय पर हुआ और ठीक होकर घर लौट रहे हैं।

अयाज खत्री : भर्ती रहने के दौरान एक-दूसरे का अच्छा सहयोग मिला। वीडियो कॉलिंग कर परिवार को देख लेते थे। डॉक्टर और स्टाफ भी बार-बार पूछते थे कि कोई परेशानी तो नहीं है। इनके ही प्रयास से ठीक होकर घर जा रहे हैं।

अनिल बच्चन : भर्ती रहने के दौरान स्टाफ हौंसला बढ़ाता था और कहता था कि टेंशन नहीं लेना, सब ठीक हो जाएगा और यही हुआ। अब ठीक होकर घर जा रहे हैं। बार-बार पूछते थे कि कोई परेशानी तो नहीं है।

सोहिल मंसूरी : भर्ती रहने के दौरान अच्छे से ख्याल रखा गया। इलाज भी बेहतर हुआ। कुछ स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मरीज भी थे, जो सभी तरह की सावधानी रखने और घर जाकर कैसे रहना है कि जानकारी देते रहते थे।

नितिन बड़ोले : अस्पताल में भर्ती के दौरान सभी का भरपूर सहयोग रहा। स्टाफ ने भी पूरी मदद की। परिवार से कभी नहीं मिल पाया, फोन पर ही बात हो पाती थी। लोगों से अपील है कि वह लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस का पालन करें।

मरीजों और सामान को सैनिटाइज कराया

मरीजों को अस्पताल से छुट्‌टी देने के पहले उनको व उनके सामान को सैनिटाइज कराया। इसके अलावा उस क्षेत्र को भी सैनिटाइज कराया, जहां पर ये मरीज खड़े थे।

जिले में कोरोना के 24 मरीज मिले थे। इनमें से 7 ठीक हो चुके हैं। जो अभी भर्ती हैं, उनमें से कुछ की पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। दूसरी निगेटिव आने का इंतजार है।
-अमित तोमर, कलेक्टर बड़वानी।


7 patients returned after winning the battle of Corona, so they encouraged each other.


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