शनिवार, 25 अप्रैल 2020

सोशल डिस्टिेंसिग का उल्लंघन कर राशन बांटने या भीड़ जमा करने वालों पर धारा-188 के तहत होगा केस दर्ज


(सुखबीर सिंह बाजवा)कोरोना की जंग में सरकार के समक्ष चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। देखने में आ रहा है कि नेताओं से लेकर मेयर, पार्षद, पंच-सरपंच, ब्लॉक अधिकारी बैठकें कर खाद्य सामग्री के वितरण के दौरान लोगों की भीड़ जमा कर रहे हैं। इससे संक्रमण फैल सकता है।

इसलिए सरकार अब ऐसे नेताओं पर सख्ती करने जा रही है। 

अब अगर किसी ने बिना वजह भीड़ एकत्रित की या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करते हुए जरूरी चीजों का वितरण किया तो उसके खिलाफ नियमों के उल्लंघन के तहत धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा। सरकार ने पुलिस प्रशासन को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही कहा कि किसी को भी लॉकडाउन और कर्फ्यू के उल्लंघन की इजाजत न दी जाए।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री व डीजीपी कार्यालय के अफसरों को पिछले कुछ दिनों से नियमों को तोड़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते डीजीपी कार्यालय ने सीएम अॉफिस के अाला अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के ऐसे नेताओंपर अब सख्ती करने का फैसला कर लिया। इस संबंध में डीजीपी दिनकर गुप्ता ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी जो सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लघंन करता है तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज करें।

इन नियमों को तोड़ने पर लगेगी धारा-188
  • जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के उल्लंघन पर।
  • लॉकडाउन व कर्फ्यू के उल्लंघन पर।
ये पड़ेगा प्रभाव
  • केस होने पर वह पासपोर्ट नहीं बनवा सकेंगे न विदेश जा पाएंगे।
  • जब कोई घटना होगी तो पुलिस संबंधित व्यक्ति पर यह प्रभाव डालेगामुलाजिमों पर असर
  • अगर किसी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ केस होगा तो उसकी एसीआर खराब हो सकती है। प्रमोशन व इंक्रीमेंट पर भी असर पड़ेगा।
राहत- 45 बसें होंगी रवाना, 2 हजार के करीब फंसे हैं श्रद्धालु :श्रद्धालुओं को लाने को बसें कल जाएंगी नांदेड़ साहिब

लॉकडाउन के कारण नांदेड़ साहिब स्थित गुरुद्वारा हजूर साहिब में फंसे श्रद्धालुओं को लाने के लिए रविवार को 45 वाल्वो बसों को रवाना किया जाएगा। सरकार को केंद्र से लाने की अनुमति मिल गई है। रोडवेज पठानकोट डिपो के जनरल मैनेजर दर्शन सिंह गिल ने बताया कि बसों को सेनिटाइज करके रवाना किया जा रहा है। स्टाफ को भी सैनिटाइजर, मास्क और ग्लब्स उपलब्ध करवाए गए हैं। बता दें कि लॉकडाउन के कारण हजूर साहिब में दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंसे हुए हैं। लौटते ही सभी श्रद्धालुओं को क्वारेंटाइन किया जाएगा।

कोटा में फंसे छात्रों को भी लाने की तैयारी में सरकार

राजस्थान के कोटा में फंसे पंजाब के छात्रों की वापसी के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राजस्थान के सीएम से अपील की है। उन्होंने छात्रों को पंजाब वापस भेजने के लिए उचित प्रबंध करने को कहा है। सीएम ने कोटा में फंसे बच्चों को कहा है कि वह जहां पर भी है सुरक्षित रहे। सरकार वापसी का इंतजाम कर रही है।

एमबीबीएस इंटरर्स का स्टाइपंड बढ़ाया- सरकार ने फैसला लेते हुए एमबीबीएस इंटरर्स का स्टाइपंड 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है।

लाॅकडाउन खत्म होने के बाद होगी पेपरों की जांच और डेटशीट घोषित

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं से लेकर मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने के लिए अब तैयारियां तेज कर दी हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जैसे लॉकडाउन खत्म होगा उसके चार दिन बाद से बोर्ड परीक्षा पेपर की जांच शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही बची हुई बोर्ड परीक्षाओं के लिए डेटशीट भी घोषित कर दी जाएगी। यह जानकारी प्रिंसिपलों के साथ ऑनलाइन बैठक में सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने दी है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि रविवार को भी परीक्षा आयोजित की जा सकती है। इसके अलावा एक क्लास में अधिकतम 10 छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाओं में 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी। स्कूल पहली से आठवीं कक्षा तक के सिलेबस को ट्रिम कर सकते हैं।

कैप्टन बोले, लॉकडाउन में फंसे पूर्व सैनिकों को उनके घर भेजें केंद्र सरकार

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की है कि लॉकडाउन में फंसे पूर्व सैनिकों को उनके पैतृक राज्यों में जाने के लिए मंजूरी दिलाएं। केंद्रीय रक्षामंत्री को लिखे पत्र में कैप्टन ने कहा कि अगर घर वापस भेजना संभव नहीं तो देश भर के कमांड हेड क्वार्टर को निर्देश दिए जाए कि पूर्व सैनिकों का ख्याल रखा जाए। पूर्व सैनिकों में पंजाब से काफी संख्या में हैं जो इस समय पर लॉकडाउन के कारण अपने राज्य में वापस जाने से असमर्थ हैं।

मोहाली | शहर को सेनेटाइज करने को टैंकर रवाना किया जाना था। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू पहुंचे थे। उनके साथ विधायक राणा गुरजीत सिंह, विधायक राज कुमार वेरका भी थे। इस दौरान करीब 20 मिनट तक लोगों की भीड़ जुटी रही। मंत्री सिद्धू बार-बार समर्थकों से कहते रहे कि वे सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाएं। लेकिन किसी ने भी मंत्री की बात नहीं मानी।




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