बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अपने लिपिक संवर्ग के स्टाफ सदस्यों के लिए हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे 25 कर्मचारियों को प्रशिक्षित दिया गया। बोकारो अंचल की राजभाषा अधिकारी रेशमी कुमारी ने कर्मचारियों को राजभाषा अधिनियम की जानकारी दी एवं हिन्दी में काम करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया बोकारो अंचल के आंचलिक प्रबन्धक धनंजय कुमार एवं उप-आंचलिक प्रबन्धक विक्रम सिन्हा भी प्रशिक्षणार्थियों काे हिन्दी में काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थित थे। धनंजय कुमार ने कहा कि हिन्दी राजभाषा के साथ-साथ अपने ग्राहक से सीधे जुड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। हिन्दी के माध्यम से हम अपने ग्राहक को बेहतर सेवा दे सकते है। हिन्दी का प्रयोग हमे अपने कार्यालय के दैनिक काम है, अवश्य करना चाहिए। विक्रम सिन्हा ने कहा कि हिन्दी संवेदना की भाषा है। हम अपनी भावनाओं को अंग्रेजी की अपेक्षा हिन्दी में अधिक सरलता एवं संवेदना के साथ व्यक्त कर पाते है। यदि हम ग्राहक के साथ पत्राचार में हिन्दी का अधिक उपयोग करेंगे तो ग्राहक हमसे अच्छे से जुड़ पाएंगे। बैंक ऑफ इंडिया समय-समय पर ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन करता रहता है, जिससे कर्मचारियों को हिन्दी के प्रति प्रेरित किया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते आंचलिक प्रबंधक धनंजय कुमार।
0 coment rios:
Hi friends