बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

वीकेएसयू व मॉरीशस विवि के बीच एमओयू के लिए मई में रवाना होगी उच्चस्तरीय कमिटी


वीकेएसयू व मॉरीशस विवि के बीच एमओयू के लिए मई में रवाना होगी उच्चस्तरीय कमिटी
वीकेएसयू एवं मॉरीशस विवि को एक सूत्र में बांधने के लिए 4-6 मई के बीच विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय कमेटी मॉरिशस के लिए रवाना होगी। जगजीवन कॉलेज के प्राचार्य डॉ जवाहर लाल ने बताया कि मॉरीशस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो धनन्जय झूड़ी ने इसको लेकर अपनी हामी भर दिया है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सहयोग के लिए एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। दोनों देश के बीच एमओयू होेने से पठन-पाठन, शोध व कार्यशैली की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होगी। दोनों विश्वविद्यालय एक दूसरे को पठन-पाठन व शोध में सहयोग करेंगे। यह सहयोग भोजपुरी भाषा, प्रबंधन, पर्यावरण विज्ञान, कम्प्यूटर साइंस आदि के क्षेत्र में मिलेगा।

 यहां के छात्र-छात्राएं मॉरीशस विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए जा सकते हैं। इसका शोधार्थियों को भी बखूबी लाभ मिलेगा। छात्र एवं शिक्षक के अलावा कर्मचारी भी दूसरे विश्वविद्यालय के बेहतर तकनीक व कार्यशैली को जानेगे। गौरतलब हो कि वर्ष 2010 में ही इसकी प्रक्रिया शुरू किया गया था। परन्तु अपरिहार्य कारणों की वजह से यह एमओयू फाइलों में ही सिमट कर रह गया था। कुलपति प्रो. तिवारी ने इसको लेकर कवायद तेज कर दिया है।

जापान के साथ भी होगा वीकेएसयू का एमओयू

आरा | वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय मॉरीशस विश्वविद्यालय से एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद जापान के साथ भी टाइअप करेगा। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय को कम से कम दो विदेशी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करने का फरमान जारी किया है। इसको लेकर राजभवन ने भी सूबे के सभी विश्वविद्यालय को इस दिशा में कार्य करने का आदेश भी जारी किया था। कुलपति प्रो. देवी प्रसाद तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों जापान का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर विश्वविद्यालय से शैक्षणिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए कहा था। जिसके बाद जापान से एमओयू करने की पहल शुरू कर दी गयी है।

22 फरवरी तक होगा प्री-पीएचडी में पंजीयन

आरा | विवि के विभिन्न विभागों में 22 फरवरी तक प्री-पीएचडी में पंजीयन होगा। पंजीयन के लिए प्रत्येक विद्यार्थियों को दो हजार रुपए का बैंक चालान विभाग के नाम से कटाना होगा। गौरतलब हो कि प्री-पीएचडी की प्रवेश में 271 छात्रों का रिजल्ट आया था। परीक्षा के लिए पांच केंद्र बनाये गये थे। इनमें जैन कॉलेज, महाराजा कॉलेज, एसबी कॉलेज, जगजीवन कॉलेज व महंत महादेवनंद महिला कॉलेज आदि है।






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