शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

कोयल-कोयना संगम तट पर 28 मौजा के लोगों ने किया अस्थि विसर्जन, मारंगबोंगा मंदिर के स्थापना का फैसला


आनंदपुर के समीज में अवस्थित कोयल कोयना संगम नदी तट पर मनोहरपुर आनंदपुर के विभिन्न गांव से 28 मौजा के संथाल जाति के लोगों ने अपने अपने पूर्वजों की अस्थि को विधिवत रूप से विसर्जित किया। मौके पर न्याके ( पुजारी) सोनाराम किस्कु द्वारा तुपोनि घाट पर पारंपरिक एंव विधिवत् तरीके से सामूहिक रूप से अस्थियों को विसर्जित कराया।

 मौके पर छोटानागरा बहदा, बायहातू, जोजोगुट्टू, दुबिल, दुदमुद गुट्टू, कुंबिया, सलाई, चिड़िया, सिमरता, डुमरिता, दीरिप्शिला, गोबिंदपुर, बागचट्टा, मुक्ति पत्थर, पहाड़िया आदि गांव से संथाल जाति के लोगों

द्वारा अस्थि विसर्जित करने के दौरान संगम में तीन बार डुबकी लगाया गया साथ ही लोगों ने संथाली भाषा में हिरला मारंगबुरू( भगवान की शरण में) का जाप किया। लोगों ने बताया कि वर्ष 1997 से प्रत्येक वर्ष फरवरी माह को संथाल जाति के लोग अपने अपने पूर्वजों की अस्थियों को समीज के संगम नदी तट पर विसर्जित करते हुए आ रहे है।

मौके पर पोड़ाहाट पीढ़ के देश परगना छोटू मुर्मू, आनंदपुर पीढ़ से अनिल सोरेन, उप संचालक पोथीराम हंसदा, सुशील माझी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

घाट में 2021 में बनेगा मारंगबोंगा का मंदिर

कार्यक्रम से पूर्व कारो कोयल तुपोनि घाट मुक्तिपत्थर समिति के द्वारा गांव में एक बैठक रखी गई थी। मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष डोमन माझी, सचिव सुखदेव मरांडी, कोषाध्यक्ष लकविर किस्कु समेत सदस्यों की उपस्थिति में संथाल समाज की एक बैठक की गई। मौके पर समाज कल्याण को लेकर चर्चा की गई।

इसके साथ ही समिति के लोगों ने बूढ़ीक्यारी घाघी नदी घाट में मारंगबोंगा मंदिर की स्थापना विचार विमर्श किया। निर्णय लिया गया- 2021 में नदी घाट तट मारंगबोंगा मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।

कारो कोयल संगम घाट पर अस्थी विसर्जित से पहले पूजन करते हुए देहरी व अन्य


Anandpur News - on the koyal koyna sangam coast 28 people of mouza decided to set up bone immersion marangbonga temple



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