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शनिवार, 6 मार्च 2021

वर्ष 1994 में स्थापित हुई थी न्यायिक अकादमी:न्याय की पाठशाला में जुड़ेगा नया अध्याय, मंथन से निकलेगी प्रशिक्षण की बेहतरीन राह


  • 2017 में पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा ने रखी भवन की आधारशिला, 50 एकड़ का नया स्थल एयरपोर्ट रोड पर,जजों के लिए अकादमी ने बनाया जर्नल सॉफ्टवेयर, 

  • इसमें 10 हजार निर्णय, 700 कानूनी लेख और 500 से अधिक अधिनियम अपलोड

राज्य न्यायिक अकादमी का उद्देश्य जिला न्यायपालिका के सदस्यों को कानूनी पहलू से प्रशिक्षित करना है। एक अच्छे न्यायाधीश के गुणों को विकसित करना, जिससे वे न्यायिक कार्यों की चुनौतियों का सामना करते हुए भी निष्पक्ष और अनुकरणीय न्याय प्रदान करने में और सशक्त बन सकें। न्यायिक अकादमी की स्थापना 1994 में हुई थी। पहली बार 1974 में इसका विचार किया गया। एक रिपोर्ट में एमपी हाईकोर्ट के दो जस्टिस वाली एक उप समिति ने ऐसे संस्थान को लेकर सुझाव दिया।

जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 1989 में फुल बेंच ने अपनी बैठक में जबलपुर में एक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए हाईकोर्ट के प्रत्यक्ष नियंत्रण में एक प्रस्ताव पारित किया। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। पर इसे मूर्त रूप लेने में पांच वर्ष का लंबा समय लग गया। वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्य न्यायमूर्ति यूएल भट्‌ट के प्रयासों से राज्य के अधीनस्थ न्यायधीशों के लिए प्रशिक्षण संस्थान की शुरूआत हुई।
वर्ष 1994 में शुरू हो पाया संस्थान
23 मार्च 1994 को सरकार ने जबलपुर में न्यायिक शिक्षा प्रदान के लिए प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए स्वीकृति दी। हाईकोर्ट के परिसर में ही इसकी स्थापना हुई। सितंबर 2002 में इसे पुनर्गठित किया गया और इसका नाम बदलकर न्यायिक अधिकारी प्र्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान कर दिया गया।
इस संस्थान में कई शोध हो चुके हैं
इस संस्थान में अब तक एक्सेस टू जस्टिस, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, जेंडर जस्टिस, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों, जांच के दोष, नार्कोटिक ड्रग्स से संबंधित अपराध के बारे में अकादमी में गहन शोधन हो चुका है।
एयरपोर्ट रोड पर 50 एकड़ में नया भवन बन रहा
अकादमी ने वर्ष 2003 तक हाईकोर्ट भवन के परिसर से कार्य जारी रखा। 2 दिसंबर 2017 को मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी जबलपुर का शिलान्यास तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा ने एयरपोर्ट रोड के पास 50 एकड़ में किया।

जजों के लिए जर्नल सॉफ्टवेयर का उद्धाटन करते हुए चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
जजों के लिए जर्नल सॉफ्टवेयर का उद्धाटन करते हुए चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक (फाइल फोटो)

जजों के लिए जर्नल सॉफ्टवेयर बनाया
मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी ने जनवरी 2021 में जोति जर्नल सॉफ्टवेयर नाम से अपना कानूनी डाटाबेस सॉफ्टवेयर लांच किया है। इसका उद्धाटन चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक ने किया था। सॉफ्टवेयर में लगभग 10 हजार निर्णय, 700 कानूनी लेख, 500 से अधिक अधिनियम, संशोधन, परिपत्र और अधिसूचना अपलोड हो चुका है। इससे जिला न्यायापालिका के न्यायाधीशों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। अकादमी के निदेशक रामकुमार चौबे और डिप्टी डायरेक्टर यशपाल सिंह के मार्गदर्शन में सॉफ्टवेयर विकसित किया गया।

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