शनिवार, 21 नवंबर 2020

त्योहार में बरती लापरवाही, बढ़ने लगे कोरोना मरीज अब नहीं संभले तो सितंबर से भी बदतर हाेंगे हालात

त्योहार में बरती लापरवाही, बढ़ने लगे कोरोना मरीज अब नहीं संभले तो सितंबर से भी बदतर हाेंगे हालात

कोरोना के प्रति लोगों की बेपरवाही का दुष्परिणाम अब सामने आने लगा है। अक्टूबर में संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद लोगों ने जिस तरह कोरोना को भुलाना शुरू किया वह दीपावली के उत्साह में चरम पर था। जानकार नवंबर आखिरी तक कोरोना की दूसरी लहर आने की आशंका जता रहे थे, लेकिन लोगों ने उससे कोई सरोकार नहीं रखा।

सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता, सेनिटाइजर के उपयोग को भुलाने वालों ने जिले को फिर सितंबर से भी खतरनाक हालत के मुहाने पर पहुँचा दिया है। भोपाल, इंदौर के साथ ही अब यहाँ भी संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है। जिले में जो संक्रमण दर 1.5 प्रतिशत तक पहुँच गई थी वह अब 4.5 है। इसके बाद भी बाजारों, सड़कों पर लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं, जो सभी के लिये कष्टप्रद साबित होने वाला है।

20 के बाद ही थी बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों ने दीपावली की तैयारियों के लिए 5-6 दिन से बाजारों में उमड़ी भीड़ और ठंड बढ़ने की स्थिति को देखते हुए 20 नवंबर के बाद संक्रमण की दूसरी लहर एक्टिव होने की संभावना जताई थी। शुक्रवार को जिस तरह 36 दिनाें बाद 74 नए मरीज मिले हैं वह खतरे का अलार्म हो सकता है। इसके पहले 15 अक्टूबर को जिले में 78 नए संक्रमित मिले थे।

तीन गुना हुई संक्रमण दर
जिले में संक्रमण की सबसे न्यूनतम दर 1.5 प्रतिशत थी, अब यह तीन गुना बढ़कर 4.5 हो गई है। गत 5 नवंबर को जिले में एक दिन में सबसे कम 26 मरीज मिले थे। 15 दिन बाद ही यह आँकड़ा तीन गुना पहुँच गया है। ये 15 दिन त्योहार के उत्साह में सावधानियाें को भूलने वाले थे जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।

बहुत सतर्कता की जरूरत
आने वाले दिनों में तेज ठंड पड़ने की संभावना है। यह समय बुजुर्गों के साथ ही साँस व दिल के मरीजों के लिए कठिन होगा। ठंड के मौसम में कोरोना वायरस ज्यादा समय तक जीवित रहता है, यह समय परिवार के उन लोगों के लिए बेहत सतर्कता बरतने वाला है जो घर से बाहर जाते हैं। उन्हें कोरोना बचाव के प्रोटोकाॅल का सख्ती से पालन करने की जरूरत है।

भोपाल, इंदौर सहित कुछ अन्य शहरों में जिस तरह कोरोना का पलटवार हुआ है उसे देखतेे हुए यही कहा जा सकता है कि हमारा जिला अभी बेहतर स्थिति में है। लोगों को सतर्कता बरतते हुए प्रोटोकाॅल का पालन करना चाहिए।
-डॉ. रत्नेश कुररिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

सीएम- बना रहे कंट्रोल कलेक्टर- जबलपुर में भी हो रात्रिकालीन कर्फ्यू
कोरोना वायरस के संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से कहा कि लॉकडाउन जैसी स्थिति अपने यहाँ कहीं नहीं बन रही है। यह जरूर है कि कुछ शहरों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। जबलपुर के संबंध में सीएम ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से कहा कि स्थिति जिस तरह अभी नियंत्रण में है ऐसी ही बनी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संक्रमण को कंट्रोल में रखने हरसंभव प्रयास करें। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश के 14 जिलों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने की तैयारी है। कलेक्टर ने इस पर कहा कि जबलपुर में भी रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने की जरूरत है। कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने संक्रमण न फैले इसके लिए भीड़ वाले क्षेत्रों में अंकुश लगाने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पिकनिक और टूरिस्ट स्पॉट पर भी भीड़ को रोकने प्रयास किए जा रहे हैं। वृद्धजनों के लिए सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है और घर-घर सर्वे कराया जा रहा है, अस्पतालों से भी पुराना डेटा लिया गया है।




प्रतीकात्मक फोटो




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