शनिवार, 21 नवंबर 2020

सुबह 6.45 से 7 बजे के बीच नकाब बांध बच्चे को कपड़े में लपेटकर आई, थाने में बच्चा रख निकल गई

सुबह 6.45 से 7 बजे के बीच नकाब बांध बच्चे को कपड़े में लपेटकर आई, थाने में बच्चा रख निकल गई

एमवाय अस्पताल के प्रसूति वार्ड से रविवार को चोरी गए बच्चे को उक्त महिला शुक्रवार सुबह संयोगितागंज थाना परिसर में कपड़े में लपेटकर छोड़ गई। पुलिस ने बच्चे को तत्काल एमवायएच पहुंचाया, जहां उसे एनआईसीयू में रखा गया है। वहीं, परिजन बच्चे को सकुशल देख भावुक हो गए। मां भी अपने आंसू रोक ना सकी। कपड़ों के आधार पर मां और उसकी नानी ने बच्चे की पहचान की। कानूनी प्रक्रिया के चलते डाॅक्टर डीएनए के जरिए बच्चे और उसकी मां की पहचान कर रहे हैं। जिस ढंग से महिला ने बच्चे को थाने में छोड़ा है, उससे स्पष्ट है कि पांच दिन तक बच्चों को उसने काफी अच्छे से पाला और कोई चोट नहीं पहुंचने दी। महिला थाने सहित आसपास के कैमरों में तो कैद हो गई, लेकिन उसने अपना चेहरा सीसीटीवी में कैद नहीं होने दिया। उसने अपने मुंह को नकाब बांध रखा था।

पुलिस की जांच उस स्कूटी पर टिक गई है, जिससे महिला आई थी।

बच्चा चोर महिला ने बच्चे को उसी थाने पर छोड़ा है, जहां मामले को लेकर केस दर्ज किया गया। महिला को शायद यह पता था कि सुबह 6 से से 7 बजे के बीच पुलिस थाने पर ड्यूटी शिफ्ट चेंज होती है, इसलिए पुलिसकर्मियों की आवाजाही ना के बराबर होती है। इस कारण उसने बच्चे को छोड़ने के लिए सुबह का वक्त चुना। वह बच्चे को लेकर थाने के भीतर तक आई, फिर पेड़ किनारे उसे रखा और वहां से चली गई। जब झाड़ू लग रही थी, तो थाने के गेट के बाहर खड़ा संत्री भी चला गया था। इसी का फायदा उठाकर वह बच्चा रखकर चली गई। पुलिस को शंका है कि बच्चे को रखने के दौरान कोई तकलीफ नहीं होने दी। आशंका है कि महिला नर्सिंग से जुड़ी रही हो सकती है। पुलिस ने एमवायएच से ड्यूटी छोड़ने वाले पुराने कर्मचारी, वार्ड बॉय, नर्स व महिला डाॅक्टर्स की भी जानकारी मांगी है।

संयोगितागंज टीआई राजीव त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे को युवती ने सुबह 6.45 से 7.05 के करीब थाना परिसर में कपड़े में लपेटकर थाने के मुख्य गेट के आगे पेड़ के पास छोड़ा था। यहां यशोदा नामक सफाई कर्मी महिला ने बच्चे को कपड़े में रोता देख थाने में सिपाही को जानकारी दी। इसके बाद एमवायएच अधीक्षक पी एस ठाकुर को जानकारी देकर अलर्ट किया। अस्पताल लाकर उसे एनआईसीयू में भर्ती किया। डाक्टरों ने बच्चे के सकुशल बताया है।

5 दिन बाद मिले बच्चे को एमवाय में भर्ती करवाया गया है।

जीपीओ चौराहे से पैदल आई, बच्चा रख पीछे से चली गई
टीआई त्रिपाठी ने बताया कि जिस हुलिए की युवती एमवायएच में सीसीटीवी फुटेज में बच्चा ले जाते दिखी थी। ये भी उसी हुलिए व कद काठी की है। इससे स्पष्ट है कि जो उसे ले गई थी, वही उसे थाने में छोड़ गई। सुबह थाने पर ड्यूटी शिफ्ट बदलने का समय था, इसलिए संत्री, एचसीएम और एक कांस्टेबल मौजूद थे। कोई महिला को देख नहीं सका। थाने के सीसीटीवी कैमरे में वह कैद हुई है, लेकिन चेहरा क्लीयर नहीं है। बच्चे को रखने के बाद महिला थाने के पीछे संकरी गली से पैदल पीसी सेठी (सेठ हुकुमचंद हॉस्पिटल) के वहां से जाती दिखी है। पुलिस पूरे इलाके और रूट के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।

5 दिन बाद बच्चे से मिलकर मां की आंखें छलक आईं।

परिजन ने टीआई का हार-फूल पहनाकर स्वागत किया
इधर, बच्चे के सकुशल मिलने पर पांच दिन से आक्रोशित होकर पुलिस को कोस रहे बच्चे के परिजन (चाचा और बुआ व अन्य रिश्तेदार) खुशी से झूम उठे। उन्होंने थाने जाकर संयोगितागंज टीआई राजीव त्रिपाठी का हार-फूल माला से स्वागत किया। टीआई ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही बच्चा ले जाने वाली महिला को भी गिरफ्तार करेंगे। अब तक पुलिस महिला की तलाश में 450 से ज्यादा मेस्ट्रो वाहन की जानकारी जुटा चुकी है। महिला ने गाड़ी की नंबर प्लेट में भी काले रंग से नंबरों में हेर-फेर की है, लेकिन पुलिस को उससे जुड़े अहम सुराग मिले हैं।



एमवाय अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में 15 नवंबर को कैद हुई थी बच्चा चोर महिला।




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