गुरुवार, 26 नवंबर 2020

लम्हेटा में बनने वाला केबल स्टे ब्रिज फिर झमेले में, सरस्वती घाट का पुल भी अटका

लम्हेटा में बनने वाला केबल स्टे ब्रिज फिर झमेले में, सरस्वती घाट का पुल भी अटका

नर्मदा के इस पार से उस पार लम्हेटा से लम्हेटी और सरस्वतीघाट से ग्वारीगाँव तक प्रस्तावित ब्रिजों के टेण्डर को लोक निर्माण विभाग मंत्रालय से कैंसिल कर दिया गया है। लम्हेटा केबल स्टे ब्रिज और सरस्वतीघाट सामान्य पिलर ब्रिज के टेण्डर निरस्त होने की वजह यह बताई जा रही है कि जो टेण्डर रेट तय किये गये उससे कमेटी और मंत्रालय के प्रमुख अधिकारी सहमत नहीं हैं। इस तरह चौथी प्रक्रिया में भी ये टेण्डर फाइनल नहीं हो सके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही भोपाल से एक बार फिर इन ब्रिजों के निर्माण को लेकर टेण्डर जारी किया जाएगा।

इन ब्रिजों के निर्माण को लेकर वैसे 3 साल से प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले तीन बार इसकी टेण्डर प्रक्रिया निरस्त हो चुकी है। बजट की कमी नहीं है पिछली विधानसभा के समय इसका बजट स्वीकृ़त कर दिया गया। कांग्रेस सरकार ने इनको बनाने का निर्णय टाल दिया उसके बाद सरकार बदलते ही फिर से निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की गई जो अभी तक चल रही है।

इन ब्रिजों के अभी तक कार्य आरंभ न हो पाने की वैसे कई वजह हैं। नर्मदा के उस पार गाँव वाले जहाँ इनको बनाने की माँग कर रहे हैं तो पर्यावरण प्रेमी ब्रिजों के निर्माण को बेहतर नहीं मानते हैं। लोक निर्माण सेतु के ईई प्रभाकर सिंह परिहार कहते हैं कि अब भोपाल से टेण्डर फिर जारी किया जाएगा। पहले टेण्डर स्थानीय स्तर पर जारी किया जाता है, निरस्त होने पर भोपाल से ही अगली प्रक्रिया पूरी की जाती है।

नर्मदा प्रेमियों को सता रही यह चिंता
नर्मदा प्रेमी, पर्यावरणविदों का यह मानना है कि इन ब्रिजों के बनने से नर्मदा को ऐसे हिस्से में नुकसान हो सकता है जहाँ पर अभी सुंदरता बहुत अधिक है। मानवीय हस्तक्षेप न होने से नर्मदा के उस हिस्से में अभी किसी तरह से प्राकृतिक, नैसर्गिक सुंदरता को उतनी हानि नहीं हो सकी है। इसी तरह नर्मदा के उस हिस्से में उत्खनन ज्यादा नहीं हो सका है लेकिन इन ब्रिजों के बनने से असीम सुंदरता चौपट हो सकती है। नर्मदा प्रेमियों से अलग गाँव वालों का कहना है कि केवल एक नजरिये से नहीं सोचना चाहिए। इन ब्रिजों के बनने से क्षेत्र का विकास होगा और गाँव वालों को लाभ होगा। कुल मिलाकर इन ब्रिजों के बनाने को लेकर लंबे समय से संशय बरकरार है।

यह विकल्प भी फेल हो गया
नर्मदा पर इस हिस्से में पक्के ब्रिज और केबल स्टे ब्रिज की जगह कुछ समय पहले पीपा पुल का विकल्प चुना गया। लेकिन विशेषज्ञों ने इस विकल्प को बेहतर नहीं माना। कई और विकल्पों पर विचार किया गया पर बाद में पूर्व की तरह स्थाई ब्रिजों काे सही माना गया।



लम्हेटा में बनने वाला केबल स्टे ब्रिज फिर झमेले में, सरस्वती घाट का पुल भी अटका
Cable Stay Bridge constructed in Lamheta again in Jamele, Bridge of Saraswati Ghat also stuck




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