पत्नी पर विश्वास न करने वाले एक पति ने कोर्ट में तलाक की अर्जी इसलिए लगाई क्योंकि उसकी पत्नी आठ दिन कहां रही, इसकी जानकारी नहीं दे रही। पत्नी का कहना है कि पति को जब उस पर विश्वास नहीं है तो ऐसे व्यक्ति के साथ जिंदगी कैसे बिता सकेगी। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला तलाक तक पहुंच गया। हालांकि काउंसलर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग करके मामले को सुलझाया। इसके बाद दोनों के बीच समझौता हो गया। इस मामले को लोक अदालत में रखा जाएगा। मामला जज योगेशदत्त शुक्ल के यहां विचाराधीन है।
पत्नी बोली... पति को विश्वास नहीं तो उसके साथ नहीं रह सकती
छतीसगढ़ निवासी ताइक्वांडाे खिलाड़ी की भोपाल निवासी युवक से साेशल मीडिया पर दोस्ती हुई। अनलॉक-1 हुआ तो दोनों ने मई में भोपाल में शादी कर ली। एक माह बाद उसने पति से मायके जाने को कहा। पत्नी मायके न जाकर कहीं अन्य जगह चली गई। फोन स्विच ऑफ होने पर जब उसने पत्नी के घर फोन लगाया कि तो पता चला कि वह मायके नहीं पहुंची। युवक ने शादी वाली बात अपनी सास को बता दी। आठ दिन बाद पत्नी घर पहुंची तो सास ने बताया कि उनकी बेटी घर पहुंच गई है।
स्टूडेंट के यहां रुकी थी-युवती ने बताया कि भोपाल से तो बस मिल गई लेकिन छत्तीसगढ़ के लिए नहीं। जैसे तैसे शहडोल तक पहुंची। वहां वह एक स्टूडेंट के यहां रुक गई थी। नेटवर्क न होने से बात नहीं हो सकी। काउंसलर ने किया प्रयास-काउंसलर ने युवती से फोन नंबर लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्टूडेंट से बातचीत की। युवती द्वारा बताई सारी बात सच निकली। इस पर काउंसलर ने पति को समझाइश दी।
गलत फहमी से उजड़ सकता था परिवार
एक छोटी सी परिस्थितिजन्य गलत फहमी से एक परिवार उजड़ने की कगार पर पहुंच गया था। समझाने के बाद दोनों साथ रहने काे तैयार हाे गए।
नुरुनिसा खान, काउंसलर फैमिली कोर्ट
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