बख्तावर मार्ग निवासी 58 वर्षीय व्यक्ति के काेराेना पाॅजिटिव आने के बाद बुधवार रात 12 बजे प्रशासन ने क्षेत्र काे कंटेनमेंट एरिया घाेषित कर सील कर दिया था। क्षेत्र में 750 मकान हैं। 2100 लोग होम क्वारेंटाइन हैं। शुक्रवार काे इस क्षेत्र की गलियाें में स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करने के लिए पहंुची। लाेग टीम के सामने ही गुटखा खाकर थूक रहे थे। हालांकि जानकारी दे रहे थे, लेकिन टीम के सदस्याें काे इस गंदगी में ही सर्वे काम करना पड़ा।
उन्हाेंने लाेगाें काे गंदगी करने से मना किया, लेकिन वे नहीं माने। जानकारी टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें काे दी। पुलिस काे भी अवगत कराया। क्षेत्र में सर्वे कर माेहन टाॅकिज चाैराहा टीम लाैट गई। महिला सदस्याें ने डाॅक्टराें काे बताया कि सड़काें पर जगह-जगह थूक की गंदगी पड़ी है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। आरएमओ डाॅ. संजय जाेशी ने सीएसपी संजीव मुले और नगर पालिका सीएमओकाे देकर क्षेत्र काे सैनेटाइज करने काे कहा। गाैरतलब है कि यह एरिया सील हुए 38 घंटे बीत चुके हैं। लाेग अपने-अपने घराें में ही हैं। कुछ लाेग बालकनी, दरवाजे से स्थिति देख रहे थे। उन्हाेंने समय कैसे गुजारा भास्कर से साझा किए अनुभव।
किसी के घर में फिल्मी गीत गूंज रहे, काेई टीवी देख रहा
U उटावद दरवाजा वाले मार्ग पर पूरी तरह से सन्नाटा था। किराना व्यवसायी हरीशचंद्र राठाैर और उनका परिवार बालकनी से स्थिति देख रहा था। घर में फिल्मी गीत चल रहे थे। काेराेना का खाैफ हरीशचंद्र की बाताें से नजर आया। उन्हाेंने कहा- प्रशासन चाहे ताे लाॅकडाउन बढ़ा दें, क्याेंकि जान से बढ़कर कुछ नहीं। हम कुछ दिन और घराें में रहने काे तैयार हैं। हमारे परिवार में 7 सदस्य हैं। महामारी से लड़ने के लिए हम दुकान बंद रखने काे तैयार हैं। दूसरी तरफ अभिभाषक संजय जैन, उनकी पत्नी अमिता, बेटी अनेरी व माता निर्मला न्यूज चैनल पर काेराेना संबंधी खबरें देख रहा था। संजय ने बताया गुरुवार से अब तक क्षेत्र में दूध, सब्जी नहीं आई है। जिससे काफी परेशानी हाे रही है। प्रशासन हमारी यह समस्या दूर करे।
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