शुक्रवार, 13 मार्च 2020

आरा जेल में 185 कैदियों के बीच आठ लाख रुपए पारिश्रमिक की राशि का हुआ वितरण


आरा जेल में संगीन एवम विभिन्न आपराधिक मामलों में करीब साढे 9 सौ कैदी व बंदी बंद है। संगीन आपराधिक मामलों में कैद 185 कैदी हाड़तोड़ मेहनत के जरिये मिलने वाली मजदूरी से अपने परिवार का भरण पोषण करने में लगे हुए हैं। जिनका पारिश्रमिक भुगतान करीब साढे आठ लाख रुपया किया गया। जिसको लेकर कैदियों में उत्साह देखा गया। जेल सुपरिटेंडेंट युसुफ रिजवान ने बताया कि 185 बंदियों के पारिश्रमिक का भुगतान खाते में किया जा रहा है। इसे प्रोत्साहन राशि कहा जाता है।कैदी दो चार महीने में अपने पारिश्रमिक का भुगतान लेना चाहते हैं, उन्हें उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है। मंडल कारा आरा में सनसीमित 185 सजायाफ्ता बंदियों द्वारा कारा के अंदर किए गए कार्य के आलोक में बंदी पारिश्रमिक की राशि 8 लाख 59 हजार 5 45 रूपया हुआ। सजायाफ्ता बंदी सुशील यादव, गोपाल ठाकुर, लक्ष्मण ठाकुर,बबलू यादव,धर्मदेव यादव,राकेश यादव, कलेक्टर पासवान,शिव कैलाश यादव, विवेक पांडेय, सहित प्रत्येक को पांच हजार दो रुपया उनके खाते के माध्यम से दिया जा रहा है।साथ में अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के खाते में कुल दो लाख 5 हजार 895 रुपया का भुगतान किया गया। जिसको लेकर बंदियों में खासा उत्साह देखा गया।उन्होंने बताया कि 12 चिन्हित अपराध पीड़ित परिवार हीरालाल सिंह, लहासो कुंवर, सुमित्रा देवी, सुरेश सिंह, नीलम देवी, लोकनाथ सिंह,हरिहर सिंह, लाल मुनी देवी, कमला कुंवर,राम अयोध्या सिंह, शिव मंगल पांडेय एवं रामजी प्रसाद को तीन लाख 56 हजार 907 रुपए का चेक तैयार कर प्रधान प्रोवेशन पदाधिकारी भोजपुर को सुपुर्द किया गया किया गया। परिवार के लोग मिलने के लिए समय समय पर आते रहते हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि आरा जेल में बंद सजायाफ्ता व हवालाती बंदियों के द्वारा जो काम करके मेहनत की जाती है। उसका पारिश्रमिक सरकार के द्वारा दिया जाता है। बंदियों के पारिश्रमिक बंदियों के द्वारा सब्जी उत्पादन से लेकर पाकशाला, बेकरी, स्वच्छता, आदि में काम किए जाते हैं। सिर्फ वयस्क बंदियों को ही पारिश्रमिक मिलता है।

जेल से परिवार का पोषण कर रहे कैदी

जेल अधीक्षक युसुफ रिजवान ने बताया कि हत्या, डकैती व अन्य संगीन अपराधों में सजा काट रहे बंदी अपने परिवार के प्रति जेल में रहकर भी काफी संजीदा हैं। वे यहां पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उसका मिलने वाले पारिश्रमिक से वे अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। बता दे कि इन बंदियों में महिलाएं भी शामिल हैं।

आरा जेल फाइल फोटो।


Ara News - a sum of eight lakh rupees remuneration was distributed among 185 prisoners in ara jail




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