चंडीगढ़.रोहतक निगम में घोटाले की शिकायत दे चुके महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने अब पानीपत, रोहतक, करनाल, कैथल आदि शुगर मिलों में 3300 करोड़ रुपए केघोटाले का आरोप लगाया है। इसके लिए उन्होंने फिर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को जिम्मेदार ठहराया है। उनके पास ही यह महकमा था। कुंडू ने सबूतों के साथ मंगलवार देर शाम सीएम मनोहर लाल को दस्तावेजों के साथ शिकायत दी।
आरोप लगाया कि घाेटाले में कई अफसर शामिल हैं। बुधवार को दस्तावेजों के साथ मीडिया के सामने आए कुंडू ने कहा कि जांच नहीं कराई जाती है तो वे चंडीगढ़ में ही टेंट गाड़ कर बैठ जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि चार वर्षों में 3300 करोड़ रुपए का घोटाला पूर्व मंत्री की शह पर हुआ।
उन्होंने करीबियों को शुगर मिलों से जुड़ा काम भी दिया। दावा किया कि प्राइवेट शुगर मिलों में जहां चीनी की रिकवरी 12 से 13% होती है, वहीं सरकारी शुगर मिलों में यह 8 से 9% ही रही। हाल यह है कि करीब 25% घोटाला तो रिकवरी के नाम पर हो रहा है।
जानिए-किस शुगर मिल पर क्या आरोप
पानीपत-मिल एवं डिस्टलरी में खरीद घोटाला
- पेट बोटल और रोल ऑफ पिल्फर प्रूफ खरीदे गए। यह एलाइट इंडस्ट्री, रोहतक और एसएमजी एंटरप्राइजेज, बवाना दिल्ली के नाम से है। ये पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की पुत्र वधू सौम्या ग्रोवर व भावुक ग्रोवर के नाम है।
- ज्यादा रेट में खरीदा गया घटिया मैटेरियल। नियम है कि किसी मंत्री के पास जो विभाग है, उससे जुड़ा कारोबार करीबी का नहीं हाना चाहिए।
- यहां पर 80 हजार क्विंटल शीरा का कहीं रिकॉर्ड नहीं है। यह शीरा डिस्टलरी में जाता है। अंदेशा यह है कि इस शीरा से अवैध शराब बनाकर मार्केट में बेची गई है। अभी तक जांच नहीं हुई है।
- सबसे कम रेट वाली एजेंसी को रिजेक्ट कर दिया और दूसरे व तीसरे नंबर के रेट वाली एजेंसियों को काम दिया गया।
- गाइड लाइन को नजर अंदाज किया गया, जबकि इन एजेंसियों के रेट में काफी अंतर था।
- शुगर फेड को 150 करोड़ का नुकसान हुआ। यह फ्रॉड पूर्व मंत्री के आदेशों पर हुआ।
- यहां पर चिप लगाकर शुगर मिल में तोल में गड़बड़ी की गई।
- 28-10- 2018 को एफआईआर भी हुई। राजनीतिक दखल से कार्रवाई नहीं हुई।
- गन्ने की तुलाई कम आने से किसानों को नुकसान हुआ, वहीं यहीं इसी इक्यूपमेंट पर चीनी, गन्ना व शीरे की तुलाई कराकर सप्लाई की गई।
- ग्रोवर के करीबी की फर्म मैसर्ज आहूजा बैरल को शीरा ज्यादा बेचा गया।
- ग्रोवर की इच्छा के अनुसार ही एमडी की नियुक्ति हुई, ताकि शीरा उनके लोगों को ज्यादा मिले। { 2014-15 में गुड़ के रेट 630 रुपए क्विंटल के थे, पर 2018-19 में 197 रुपए के हिसाब बेचा जाने लगा।
सवाल-मंत्री पद नहीं मिला, इसलिए आप ये आरोप लगा रहे हैं ?
जवाब- मैंने खुद को मंत्रियों से ऊपर बना रखा है। मंत्री होता तो और मामले उठाता।
सवाल- ग्रोवर भी आरोप लगा रहे हैं?
जवाब- ग्रोवर क्या आरोप लगाएंगे। उनके खिलाफ भी 100 केस जालसाजी के हैं।
सवाल- आपको मानहानि का नोटिस भेजा गया है। क्या जवाब दे दिया?
जवाब- मेरे घर पर नोटिस पड़ा है। मुझे क्या जवाब देना है। वे अपनी कार्यवाही करें।
कुंडू के आरोप निराधार, भेजा है नोटिस : ग्रोवर
- पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर बोले- महम विधायक के आरोप निराधार हैं। उनकी अंतरात्मा पहले क्यों नहीं जागी। तब रोजाना घर आते थे। जो काम कहते थे, वह काम करवाने की हर संभव कोशिश होती थी। कुंडू अंदर झांककर देखें जो शख्स कुछ नहीं था, आज एकाएक 7500 करोड़ का मालिक कैसे बन गया। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Hi friends