शहर में नगर पालिका आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए कोई काम नहीं कर रही है। 8 सदस्य टीम भी पूरी तरह से निष्क्रिय है। नतीजा यह है कि शहर में मुख्य मार्गो सहित भीड़ वाले क्षेत्रों में मवेशी लड़ते झगड़ते हैं। जिससे आम लोगों को जान माल का खतरा बना रहता है ।
शहर के बस स्टैंड में मवेशियों का झुंड अक्सर बैठे रहते है। जिससे यहां पर आने जाने वाले यात्रियों को इनके द्वारा की जा रही लड़ाई झगड़े के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई बार मवेशियों के झगड़े में लोग घायल भी हो जाते है, लेकिन नपा ना तो मवेशियों को पकड़ने का अभियान चला रही है ना ही शहर से इन्हें खदेड़ कर बहार करने की कोई कार्रवाई की जा रही है।
शहर के बस स्टैंड पर नहीं लगे काउकैचर
शहर के बस स्टैंड पर जिले सहित अन्य क्षेत्रों से आने वाली बसों का स्टाप है। यहां पर होशंगाबाद, भोपाल, पिपरिया, पचमढ़ी, सिवनीमालवा, बकतरा, नसरुल्लागंज, हरदा क्षेत्र की सवारी बस से यात्रा करती है, लेकिन बस स्टैंड पर उन्हें मवेशियों के झुंड से सामना करना पड़ता है। यह मवेशी झगड़ते हैं।
जिससे यात्रियों को नुकसान होता है। बस स्टैंड पर हाल ही में कई रिनोवेशन किए गए हैं, लेकिन अभी तक बस स्टैंड के दोनों गेट पर काऊ कैचर नहीं लगाया गया है। जिससे बस स्टैंड परिसर में मवेशी झुंड बनाकर घुस आते हैं और यात्रियों को असुविधा होती है।
ये हैं इनके जिम्मेदार
नपा और आरटीओ क्यों: कलेक्टर धनंजय सिंह के निरीक्षण के बाद नपा और आरटीओ काे बस स्टैंड परिसर काे रीनाेवेशन करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बैठक व्यवस्था, सफाई, दीनदयाल रसाेई की व्यवस्था की गई है। स्टैंड पर मवेशियों का डेरा रहता है।
^बस स्टैंड के दाेनाें गेट पर काउ कैचर नहीं है। इसके कारण मवेशी अंदर प्रवेश करते हैं। हमारी प्लानिंग में है, लेकिन फंड की कमी के कारण काम रुक गया है हम आउट साेर्स से मदद ले रहे हैं। मार्च महीने में कार्य पूरा किया जाएगा।
मनाेज तेहनगुरिया, आरटीओ

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Hi friends