- माैसमी सिस्टम की फ्रीक्वेंसी इस बार चार गुना ज्यादा,
- शहर में मार्च के महीने में हो चुकी है सामान्य से ढाई गुना ज्यादा बरसात
दिन में तपिश, शाम हाेते ही गरज- चमक के साथ बारिश और तेज हवा। आधा घंटे में शहर अस्त- व्यस्त। पिछले चार- पांच दिनाें से शहर में माैसम के तेवर एेसे ही बने हुए हैं। मार्च में महीने की सामान्य 11.9 मिमी से ढाई गुनी ज्यादा 31 मिमी बारिश हाे चुकी है।
इस बेमाैसम बारिश की वजह बताते हुए माैसम विशेषज्ञ कहते हैं कि यह सब वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हाे रहा है। इनका जाे असर फरवरी में हाेना था वह मार्च में हाे रहा है। इस कारण इन दिनाें माैसम ने ऐसा मिजाज अख्तियार किया है। इसकी फ्रिक्वेंसी चार गुना ज्यादा है।
समझें... क्या हाेना था फरवरी और मार्च में
विशेषज्ञ एके शुक्ला के मुताबिक महीने में 6 या 7 डिस्टरबेंस आते हैं, लेकिन फरवरी से अब तक ये करीब 20 आ चुके हैं। फरवरी में आए डिस्टरबेंस कमजाेर थे, इसीलिए इनका ज्यादा असर नहीं हुआ। मार्च के डिस्टरबेंस स्ट्रांग हैं। इनके कारण आसपास के क्षेत्राें में ऊपरी हवा के चक्रवात और इंड्यूस साइसर बने। इनके कारण ही तेज हवा चली और बारिश का सिलसिला चल रहा है।
क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस
विशेषज्ञ एसके नायक के मुताबिक अफगानिस्तान- पाकिस्तान हाेते हुए चक्रवात देश के उत्तर या उत्तर पश्चिमी इलाके में पहुंचते हैं। इनके कारण कश्मीर घाटी, हिमाचल की वादियाें, उत्तराखंड के पहाड़ाें में बर्फबारी या बारिश हाेती है। जब फरवरी में यह हाेता है ताे हमारे यहां ठंड पड़ती है। मार्च में ये तेज हवा, आंधी, बारिश जैसा माैसम करा देते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Hi friends