केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि अध्यादेशों के खिलाफ मप्र किसान सभा का चौथे दिन शुक्रवार को गांधी मार्केट परिसर में धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काला कपड़ा बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसान सभा जिलाध्यक्ष राजीव दीक्षित ने कहा किसरकार और किसानों की चौथे दौर की वार्ता विफल होने के बाद सरकार कह रही है कि कृषि कानूनों में कोई बदलाव नहीं होगा। भाजपा सरकार जीएसटी में संशोधन कर सकती है, 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 श्रम कानून उद्योगपति हितैषी बना सकती है, तो फिर कृषि कानून में बदलाव क्यों नहीं कर सकती है। इस मौके पर रामलखन दंडोतिया, राजेंद्र सिंह कुशवाह, नाथूसिंह बघेल ,अवधेश सिंह भदौरिया(गुड्डू), राजू ताम्रकार, तोषीफ खान,भानसिंह कुशवाह, सतेंद्र राजावत, शेलेंद्र राजौरिया, नरेंद्र सेंगर, उदयसिंह श्रीवास, अशोक शर्मा, विनोद सुमन मौजूद रहे।
इधर... कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पर अड़े कांग्रेसी, नारेबाजी की
कृषि विधेयक 2020 वापस लिए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर के ज्ञापन लेने के लिए न आने पर कांग्रेस नेतागण संयुक्त कलेक्टर को चेतावनी दे आए कि प्रशासन का यह रवैया ठीक नहीं है। अगर यही रवैया रहा तो धरना प्रदर्शन करना होगा। यहां बता दें शनिवार को सुबह कांग्रेस सेवादल द्वारा कृषि विधेयक वापस लिए जाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई थी। सुबह कांग्रेस नेता कलेक्टोरेट पहुंचे।
कलेक्टर को सूचना भिजवाई। लेकिन वह नहीं संयुक्त कलेक्टर आए। नेताओं ने कहा कि कलेक्टर आएंगे तभी ज्ञापन सौंपेंगे। तब डेढ़ घंटे वीसी चलने की बात कही गई। इस पर डॉ. राधेश्याम शर्मा ने बोले, डेढ़ घंटे कौन रुकेगा। तब संयुक्त मोहम्मद इकबाल को नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर सेवादल जिलाध्यक्ष संदीप गोपाल मिश्रा, प्रदीप जैन गुड्डा, हरनारायण शर्मा, ममता मिश्रा, राहुल कुशवाह, अंकित तोमर, कैलाश माहौर, योगेश शाक्य, रमजान खान, राकेश शाक्य, अरविंद अरेले, दीपचंद्र तिवारी, काजी रिजवान आदि उपस्
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