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गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

यूएई, कजाकिस्तान, बांग्लादेश सहित देश की 18 प्रतिभागियों को टक्कर देकर बाल वर्ग में उज्जैन की आयुर्धा सेमीफाइनल में पहुंची

यूएई, कजाकिस्तान, बांग्लादेश सहित देश की 18 प्रतिभागियों को टक्कर देकर बाल वर्ग में उज्जैन की आयुर्धा सेमीफाइनल में पहुंची

यूएई, कजाकिस्तान, बांग्लादेश सहित देश की 18 प्रतियोगिताओं को कड़ी टक्कर देकर बाल वर्ग में उज्जैन की बेटी आयुर्धा सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। एफएफओटीवाय 2020 देश का पहला ऐसा कॉन्टेस्ट है, जो पहली बार भारतीय शास्त्रीय कलाओं में रुचि रखने वाले कलाकारों के लिए किया जा रहा है।

ईआईसीडी प्रोजेक्ट फाउंडर और डायरेक्टर, सीकर राजस्थान सिमरित कौर कौसला जो एट ओजस्वी नृत्य कला केंद्र की संचालक हैं, इसका आयोजन कर रही हैं। उनका कहना है कि कुछ नए चेहरों को उनके टैलेंट के बल पर समाज में नई पहचान बनाने का मौका देने का प्रयास किया जा रहा है।

इस स्पर्धा को डायरेक्टर ऑफ बीजेएच म्यूजिक कंपनी एंड फिल्म प्रोडक्शन जयपुर राजस्थान से राज खींची ने एफएफओटीवाय 2020 के जरिए भारतीय शास्त्रीय कला में रुचि रखने वाले सभी प्रतियोगी बाल और युवा कलाकारों में से अनुभवी ज्यूरी से चयन कर विजेता को क्राउन ट्रॉफी और सर्टिफिकेट से सम्मानित किया जाएगा।

ज्यूरी में मुंबई से प्रीतिलेखा डी चौधरी(एक्सपर्ट इन ओडिसी और सत्रीय), न्यूजीलैंड से चारु चुटानी (कथक और बॉलीवुड डांस आर्टिस्ट, पंजाब से शुभजीत कौर (नेशनल और इंटरनेशनल कथक आर्टिस्ट) हैं।

अपनी अलग पहचान व जगह बनाई

एफएफओटीवाय 2020 प्रतियोगिता में राजस्थान, दुबई, बांग्लादेश और देशभर के 18 से ज्यादा कलाकारों ने सहभागिता की। इसमें उज्जैन की बेटी आयुर्धा शर्मा ने भी भाग लिया है। प्रतियोगिता में उज्जैन की बेटी आयुर्धा शर्मा ने सेमीफाइनल में अपनी अलग पहचान व जगह बनाई है।

क्वार्टर फाइनल में आयुर्धा ने पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज रचित तुंग तुंग जो कि कृष्ण भगवान किस प्रकार नृत्य करते हुए सुंदर लगते हैं, उस पर भी कथक किया। आयुर्धा शर्मा पांच वर्षों से डॉ. रागिनी मक्खर और नृत्य गुरु पलक पटवर्धन से कथक की विधिवत शिक्षा ले रही हैं।



यूएई, कजाकिस्तान, बांग्लादेश सहित देश की 18 प्रतिभागियों को टक्कर देकर बाल वर्ग में उज्जैन की आयुर्धा सेमीफाइनल में पहुंची
उज्जैन की आयुर्धा सेमीफाइनल में पहुंची


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