राजस्व वसूली में अब नगर निगम ने बड़े संस्थानों पर हाथ डालना शुरू कर दिया है। रामपुर जोन के अंतर्गत होटल आकाश गंगा और सुख सागर टाटा शोरूम में अचानक ही जाँच के लिए निगम का दल पहुँच गया। होटल में बारात की तैयारी चल रही थी कि उससे पहले ही निगम की टीम को देखकर प्रबंधन सकते में आ गया। होटल पर वर्ष 2019-20 का 3 लाख 80 हजार रुपए बकाया था। प्रबंधन ने तत्काल ही नकद राशि जमा की। वहीं शोरूम की जाँच में अधिक क्षेत्र पाया गया। जबकि निगम में दर्ज क्षेत्रफल कम है। अब जुर्माना और बाकी राशि अधिरोपित की जा रही है। नगर निगम कमिश्नर अनूप कुमार सिंह द्वारा गठित किए गए उड़नदस्ते ने बुधवार को कई अन्य स्थानों पर भी जाँच पड़ताल की।
भवन शाखा द्वारा पहले नाप-जोख किया गया तो क्षेत्रफल सही पाया गया, लेकिन राजस्व विभाग को पता चला कि होटल प्रबंधन ने पिछले वित्तीय वर्ष में टैक्स के नाम पर जो चैक दिया था, वह बाउंस हो गया था इसलिए तत्काल ही राशि जमा करने की चेतावनी दी गई। चूँकि होटल में शादी समारोह की तैयारी चल रही थी इसलिए प्रबंधन ने मौके पर ही 3 लाख 80 हजार रुपए जमा कराए। वहीं शोरूम की जाँच में अधिक क्षेत्रफल की बात सामने आई, जिस पर अब भवन शाखा विस्तृत जाँच कर रहा है। टीम में उड़नदस्ता प्रभारी सहायक आयुक्त संभव मनू अयाची, राजस्व अधिकारी दीपनारायण मिश्रा, जोन अधिकारी शैलेन्द्र मिश्रा, प्रफुल्ल गठरे, उपयंत्री मनीष तड़से आदि उपस्थित थे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Hi friends