स्वतंत्रता सेनानी जननायक बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को ग्राम रसवा (बलकवाड़ा) में जिला स्तरीय कार्यक्रम होगा। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए ग्राम में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें पार्किंग व्यवस्था, मंच, सभा स्थल, विभिन्न जिलों व राज्यों के वक्ताओं की सूची सहित अन्य तैयारियों पर चर्चा की गई। आदिवासी समाज अध्यक्ष सचिन सिसोदिया ने बताया भगवान बिरसा मुंडा ने देश व समाज के लिए लड़ाई लड़ते हुए बलिदान दिया। देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। जल, जंगल व जमीन की लड़ाई लड़ी। पदमसिंह जमरे ने कहा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जयंती मनाई जाएगी। प्रवक्ता राघव भवर ने बताया जयंती कार्यक्रम में आदिवासी परंपराओं व संस्कृति संरक्षण, पांचवी-छठी अनुसूची व पेशा कानून, वन अधिकार मान्यता कानून, जल, जंगल व जमीन परियोजना व विस्थापन, रोजगार व पलायन, वर्तमान शिक्षा व स्वास्थ्य नीति, शिक्षा का निजीकरण, आदिवासी युवाओं के सामने चुनौतियां व बेरोजगार युवा आदि विषयों पर वक्ता विचार रखेंगे। बैठक के बाद युवाओं ने बिरसा मुंडा जिंदाबाद के नारे लगाए। बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।
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