बस स्टैंड चौक के पास साईं लक्ष्मी नारायण मंदिर में गुरुवार काे अन्नकूट उत्सव मनाया। भगवान लक्ष्मीनारायण को छप्पन भोग लगाए।
भादूगांव गाेमुख मठ के संत महामंडलेश्वर ओमकारदास महाराज प्रतिवर्ष दीपावली के बाद मंदिर में अन्नकूट का कार्यक्रम करते हैं। महाराज ने अन्नकूट का महत्व बताते हुए कहा कि दीपावली के बाद अन्नकूट मनाया जाता है।
अन्नकूट का अर्थ है अन्न का ढेर। आज ही के दिन योगेश्वर भगवान कृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन करते हुए अपने वाम हस्त की कनिष्ठा अंगुली के नख पर गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के कोप से ब्रजवासियों की रक्षा की थी।
श्रीकृष्ण निरंतर 56 दिन तक पर्वत थामे खड़े रहे। इसलिए जब उन्होंने पर्वत को रखा तो समस्त ब्रजवासियों ने 56 प्रकार के पकवान बनाकर खिलाए। बड़ी संख्या में लाेगाें ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण की। कार्यक्रम के बाद पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए।
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