नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसम्बर माह में शादियों के मुहूर्त होने से पारंपरिक बाजारों में खरीददारों की खासी भीड़ उमड़ रही है। विवाह से जुड़ी हर सामग्री की दुकानों में पैर रखने की जगह भी बमुश्किल मिल रही है। लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं, लेकिन इस दौरान शारीरिक दूरी का पालन भूल गए हैं।
बाजारों का नजारा देख ऐसा लग रहा है जैसे कोराेना खत्म हो गया हो। खरीदी के दौरान लोग बिना मास्क के भी नजर आ रहे हैं। कोतवाली, सराफा, कमानिया, बड़ा फुहारा, निवाड़गंज, लार्डगंज, कछियाना, अंधेरदेव, गंजीपुरा लगभग हर जगह खरीदी का जुनून लोगों में दिखाई दे रहा है। शादियों में लगने वाला मंडप, साफा, कलगी, लहँगा, सूट आदि की दुकानों सहित पार्लर में लोगों के लिए बैठने और खड़े होने की जगह भी नहीं बच रही। सड़कों पर ठेलों के अतिक्रमण व वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बाजार में हर थोड़ी देर में जाम लग रहा है।
लॉकडाउन की अफवाह से उमड़ रही भीड़
सोशल मीडिया पर एक बार फिर कोराेना के कारण लॉकडाउन के आसार या फिर कर्फ्यू की अफवाह फैलने से लोग खरीदी के लिए जुनूनी हो गए हैं। अभी आवश्यकता न हाेने पर भी इस भय से सामग्रियाँ खरीद रहे हैं कि कहीं बाद में बाजार बंद न हो जाए और शादियों से जुड़ा सामान यदि समय रहते न खरीदा तो फिर बाद वे क्या करेंगे।
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