सोमवार, 16 नवंबर 2020

बेरोक-टोक रात के डेढ़ से दो बजे तक होती रही आतिशबाजी

बेरोक-टोक रात के डेढ़ से दो बजे तक होती रही आतिशबाजी

दीपावली की रात शहर में जमकर पटाखे फूटे। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश और जिला प्रशासन के प्रतिबंध की धज्जियाँ उड़ती नजर आईं। इससे वातावरण में पीएम 2.5, पीएम 10 बढ़ने से एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स भी बढ़कर 300 से ऊपर पहुँच गया।

आलम ऐसा रहा कि मार्केट में ग्रीन पटाखे मौजूद होने के बावजूद लाेगों ने दूरी बनाई और सामान्य पटाखों की तरफ ही अपना रुख किया। नतीजा प्रदूषण के रूप में शहरवासियों को भुगतना पड़ा। एमपीपीसीबी ने शहर के प्रदूषण के आँकड़े जारी किए हैं। एमपीपीसीबी के अधिकारी लगातार 14 दिनों तक शहर के प्रदूषण की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

इसमें दीपावली के 7 दिन पहले और पर्व के 7 दिन बाद तक शहर के प्रदूषण पर नजर रखने के आदेश केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली के हैं। इसके लिए एक मापन यंत्र विजय नगर कार्यालय तो दूसरा अधारताल मौसम विभाग में लगाया गया है।

ग्वारीघाट पर पटाखे फोड़ने का ट्रेंड
पिछले कई सालों से ये ट्रेंड बन गया है कि लोग ढेरों की तादाद में पटाखे लेकर ग्वारीघाट जाते हैं और सपरिवार फोड़कर आनंद उठाते हैं। पटाखों की आवाज और प्रदूषण से उन लोगों को मानसिक खलल पहुँचता है जो किनारों पर बैठकर माँ नर्मदा को दिल से याद कर रहे होते हैं। पटाखों से निकला बारूद सीधे तौर पर नदी में जाता है, जो माँ नर्मदा को प्रदूषित करता है।

दीपावली की रात आतिशबाजी से निकले महीन कणों और सल्फर डाईऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड जैसी गैसों के कारण शहर के आसमान पर धुंध सी छा गई थी। प्रदूषण के कारण अस्थमा के मरीज, बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते रहे। सड़कों व घरों पर मौजूद जानवर पटाखों की आवाज से दुबक कर बैठे रहे। हैरानी वाली बात यह है कि शहर की ही तरह यहाँ भी कोई रोकने-टोकने वाला नहीं रहा।

पीएम 10
पीएम 10 को पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास का होता है। इसमें धूल, गर्दा और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम 10 और 2.5 पटाखों, धूल, कंस्‍ट्रक्‍शन और कूड़ा व पराली जलाने से ज्यादा बढ़ता है।

पीएम 2.5
पीएम 2.5 हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा होने पर ही धुंध बढ़ती है। विजिबिलिटी का स्तर भी गिर जाता है।




Fireworks continued unabated at half past two in the night




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