शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

सवा साल पहले जिसे दूध में घातक केमिकल मिलाने पर जेल भेजा, छूटते ही फिर करने लगा ‘जहर’ का कारोबार

सवा साल पहले जिसे दूध में घातक केमिकल मिलाने पर जेल भेजा, छूटते ही फिर करने लगा ‘जहर’ का कारोबार

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुरुवार की शाम अंबाह में केमिकल के 3 गोदामों पर छापा मारकर 21 लाख रुपए के घातक रसायन जब्त किए हैं। जब्त केमिकल की बिक्री सिंथेटिक दूध बनाने के लिए की जा रही थी। जिस प्रतिष्ठान पर यह छापा मारा गया, उसके मालिक के खिलाफ 19 जुलाई 2019 को भी कार्रवाई हुई थी और आरोपी सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल को जेल भेजा गया था। तीन महीने की जेल काटकर वह वापस आया और फिर से वही कारोबार शुरू कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, स्पेशल टास्क फोर्स की टीम गुरुवार की शाम 4.30 बजे अंबाह स्थित सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल पुत्र ओमप्रकाश अग्रवाल के निवास और दो गोदामों पर पहुंची। टीम में शामिल डीएसपी रोशनी भदौरिया और इंस्पेक्टर चेतन सिंह बैस ने सोनू अग्रवाल के घर और गोदामों से बड़ी मात्रा में सिंथेटिक दूध बनाने के काम में आने वाला केमिकल पकड़ा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता और रेखा सोनी की टीम ने गोदाम में रखे केमिकल की पहचान कर एसटीएम की टीम को जब्तीनामा तैयार कराने में मदद की। पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नीरज सोनी के मुताबिक टीम ने 20 लाख 91 हजार रुपए कीमत का केमिकल जब्त कर आरोपी की सुपुर्दगी में ही दे दिया है।

मिलावट में जेल गया, दिसंबर में ही छूटकर आया और फिर शुरू कर दिया वही कारोबार
अंबाह में सिंथेटिक दूध बनाने के काम में आने वाला केमिकल बेचने का धंधा सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल ने दिसंबर 2019 में जेल से छूटने के बाद फिर से शुरू कर दिया। व्यापारिक स्तर पर बेचे जा रहे केमिकल के लिए सोनू अग्रवाल ने घर के अलावा दो गोदाम भी बनाए थे।

स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने ग्वालियर से 80 किमी दूर बैठकर यह पता कर लिया कि रासुका में बुक किए सोनू अग्रवाल ने फिर से अपना वही धंधा कहां शुरू किया है। गुरुवार की शाम 5 बजे एसटीएफ ने मौके पर पहुंचकर केमिकल के कारोबार पर फिर से कानूनी ताला डाल दिया और लोकल पुलिस से लेकर प्रशासन पर यह कार्रवाई बड़ा सवाल खड़ा करती है।

घर और दो गोदामों में केमिकल से भरे मिले बोरे, कार्टन, केन और ड्रम, जब्ती के बाद उसी को सुपुर्द
सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल के घर और मुरैना रोड स्थित दो गोदामों से एसटीएफ व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 10 लाख 35 हजार रुपए कीमत का 1035 बैग माल्ट डेक्स्ट्रो पावडर, 2 लाख रुपए कीमत का 40 बैग स्किम्ड मिल्क पावडर, 5 लाख 70 हजार रुपए कीमत के आरएम केमिकल के 19 ड्रम, 12 हजार रुपए कीमत की रेंजी के 12 कार्टन, 42 हजार रुपए कीमत के हाइड्रोजन परॉक्साइड की 42 केन, 92 हजार रुपए कीमत के कास्टिक सोडा के 46 बैग, 32 हजार रुपए कीमत की लिक्विड डिटरजेंट की 40 केन और एक लाख रुपए कीमत के सॉरिबिटॉल के 9 ड्रम जब्त किए हैं। जब्त सामान की बाजारू कीमत 20 लाख 91 हजार रुपए आंकी गई है।

पिछले साल जुलाई में भी मिला था केमिकल
स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने 19 जुलाई 2019 को अंबाह में अग्रवाल लैब एंड सप्लायर के गोदाम पर छापा मारकर वहां से केमिकल जब्त किया था और 4 केमिकल के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा था। एसटीएम ने 15 महीने इस प्रतिष्ठान से लगभग 3 लाख रुपए कीमत के केमिकल जब्त कर थाना अंबाह में आरोपी सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत ईसी एक्ट व मानव स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। उस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आरोपी सुनील अग्रवाल के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की थी जिसमें सोनू को जेल जाना पड़ा था।

जांच के बाद एफआईआर
एसटीएफ ग्वालियर टीम ने अंबाह में छापा मारकर जो केमिकल पकड़ा है, उस केमिकल को जब्त कर लिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम केमिकल के सैंपल जांच के लिए भेजेगी। एसटीएफ के अफसराें के मुताबिक इस मामलेे में सोनू अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी।

सैंपल जांच के लिए भेज रहे
^एसटीएफ ग्वालियर टीम ने तहसीलदार अंबाह व खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को साथ लेकर सुनील उर्फ सोनू अग्रवाल के घर व दो गोदामों से बड़ी मात्रा में केमिकल पकड़ा है। जब्त केमिकल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं। आगे विधिसम्मत कार्रवाई करेंगे।
नीरज सोनी, एसपी, एसटीएफ ग्वालियर

खेती में कीटनाशक के रूप में उपयोग किया जाता है डेक्सट्रिन पावडर
दैैनिक भास्कर ने इस केमिकल के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि डेक्सट्रिन पावडर खेती में कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके उपयोग से बैक्टीरिया नष्ट हो जाता है। प्राणी वैज्ञानिक डाॅ. विनायक सिंह तोमर ने बताया कि डेक्सट्रिन पावडर की मात्रा दूध में अधिक होने पर यानि 0.7 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक होने पर आंत के कैंसर का खतरा पैदा होने लगता है।



सवा साल पहले जिसे दूध में घातक केमिकल मिलाने पर जेल भेजा, छूटते ही फिर करने लगा ‘जहर’ का कारोबार
गोदाम में माल्ट डेक्स्ट्रो पावडर के बैग चेक करते खाद्य सुरक्षा अधिकारी।




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