सोमवार, 16 नवंबर 2020

बोर्ड की प्रक्रिया और फैसलों में अटकीं 70 हजार कर्मचारियों की सातवें वेतनमान की किश्तें

बोर्ड की प्रक्रिया और फैसलों में अटकीं 70 हजार कर्मचारियों की सातवें वेतनमान की किश्तें

निगम-मंडलों (राज्य सरकार के अर्द्धशासकीय उपक्रम) में काम करने वाले करीब 70 हजार कर्मचारी और अधिकारियों के सातवें वेतनमान का एरियर बोर्ड की प्रक्रिया और उनके फैसलों में अटक गया है। सिर्फ तीन निगम-मंडल ही ऐसे हैं, जहां एरियर की पहली और दूसरी किश्त मिल पाई है। जबकि वित्त ने अंतिम (तीसरी) किश्त का 25 फीसदी देने के भी आदेश जारी कर दिए। अधिकारी-कर्मचारी इस बात को लेकर नाराज हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिल सकते हैं।

यहां पर भी दिक्कत... फेस्टीवल एडवांस में भी अड़चन

राज्य सरकार ने 40 हजार से कम वेतन वालों को 10 हजार रुपए फेस्टीवल एडवांस देने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन यह फायदा भी निगम-मंडलों के कर्मचारियों से दूर है।

वित्तीय हालातों को बताया जा रहा कारण
बताया जा रहा है कि कई निगम-मंडलों ने वित्तीय हालातों का कारण गिनाया है, जबकि कुछ ने संचालक मंडल की बैठक में इसे मंजूर करने के बाद भी वित्त विभाग से ओपिनियन मांग कर प्रक्रिया को जटिल कर दिया। वन विकास निगम, खनिज विकास निगम और मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को सातवें वेतनमान के एरियर की पहली और दूसरी किश्त मिल पाई है। मप्र वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अनुसार सांतवे वेतनमान का एरियर मिलना था। शासकीय सेवा से जुड़े लोगों को पहली किश्त एक मई 2018 और दूसरी किश्त का भुगतान एक मई 2019 को किया जा चुका है।

शासन के आदेश का सीधा लाभ लोगों तक पहुंचे
^जब शासन कोई आदेश करता है तो इसका सीधा लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए। फिर चाहे वो शासकीय सेवा में हो या निगम-मंडल में। मुख्यमंत्री ने देने की मर्जी से ही तो बात कही थी। वित्त विभाग अपने स्तर से ही कोई न कोई पेंच फंसा देता है। सभी जगह यह मामला बोर्ड में जा रहा है। सीएम से इस संबंध में बात करेंगे।
अजय श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष, निगम मंडल अधिकारी-कर्मचारी समन्वय महासंघ



परिषद सभागृह (फाइल फोटो)




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