काेरोनाकाल में फ्लाइट्स शहर से बाहर आने-जाने के लिए सबसे सुरक्षित ट्रांसपोर्ट रहा, लेकिन एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की वेबसाइट के मुताबिक इस बीच एयरपोर्ट पर अपना सामान भूल आने वाले लोगों की तादाद भी काफी रही। बीते 4 महीनों में 67 लोग अपना सामान राजा भोज एयरपोर्ट पर भूल आए। लेकिन, इन महीनों में अपने सामान को वापिस लेने के लिए केवल 12 लोगों ने ही कोशिश की।
एयरपोर्ट की लॉस्ट एंड फाउंड सेल ने जिन 67 सामानों को कलेक्ट किया, उनमें से सबसे ज्यादा 11 बेल्ट्स मिलीं। वहीं, दूसरे स्थान पर नजर और धूप के चश्मे, पानी की बोतलें और जैकेट भूले। इसके अलावा पर्स, नेक पिलो, पेंटिंग, पेन ड्राइव्स, वाई-फाई और पावर बैंक समेत पेंटिंग्स तक शहर के लोग एयरपोर्ट पर ही भूलकर आ गए हैं।
90 दिनों में वापिस पा सकते हैं अपना छूटा हुआ सामान
अगर आपका भी कोई सामान छूट गया है, तो आपको एयरपोर्ट मैनेजर ऑफिस में कॉल करना होगा। छूटे सामान को वापिस पाने के लिए आपके पास बोर्डिंग पास या जर्नी प्रूफ, पासपोर्ट या सरकारी आईडी कार्ड की कॉपी होनी चाहिए। साथ ही सामान की जानकारी होनी चाहिए, जो आप वापिस पाना चाहते हैं। क्लेम अप्रूव होने के दस दिनों के भीतर आप इसे एयरपोर्ट से ले सकते हैं। यह सामान 90 दिनों तक एयरपोर्ट अथॉरिटी सुरक्षित रखती है, जिसे आप वापिस पा सकते हैं। बाद में यह सरकारी नियमों के अनुसार जमा हो जाते हैं। भोपाल के लोग 9425012746 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
आज रात सिर्फ कंस दरबार में प्रतीकात्मक परंपरा निभाएंगे
कोरोना काल के चलते शहर की ऐतिहासिक परंपरा पर भी इसका असर दिख रहा है। अधिकारियों और आयोजक समिति की बैठक के बाद जो बदलाव सामने आए, उसके बाद 80 साल में पहली बार ऐसी स्थिति बनी कि इस वर्ष आजाद चौक में वाक युद्ध नहीं होगा। सिर्फ कंस दरबार यानी सोमवारिया में ही प्रतीकात्मक रूप से परंपरा निभाई जाएगी।
ज्ञात रहे मथुरा के बाद सिर्फ शाजापुर में ही कंस वधोत्सव मनाया जाता है। इस परंपरा को 268 साल से ज्यादा हो गए, जिसके चलते यह आयोजन सोमवारिया की छोटी सी गली से निकलकर देशभर में पहचान बना चुका है। कंस वधोत्सव की वर्तमान समिति के तुलसीराम भावसार के अनुसार गत दिनों अधिकारियों से हुई चर्चा के बाद इस बार जुलूस नहीं निकाला जाएगा।
सिर्फ कंस दरबार में ही प्रतीकात्मक आयोजन किए जाएंगे। भावसार के अनुसार आज यानी मंगलवार रात 9.30 बजे बाद कलाकारों द्वारा वाक संवाद किया जाएगा और रात 12 बजे पूजा अर्चना के बाद कंसवध कर दिया जाएगा।
कंस वध को देखने आसपास के बड़े शहरों के लोग भी आते हैं। इसके चलते आजाद चौक और सोमवारिया में हजारों लोगों की भीड़ लग जाती है। ऐसे में संक्रमण के फैलने के अंदेशे को लेकर अधिकारियों में चिंता, वहीं समिति ने भी आमजन के स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता दिखाते हुए इस बार यह आयोजन प्रतीकात्मक कर दिया। आयोजन में 30 से ज्यादा कलाकार देव-दानव के पात्र निभाते हैं, लेकिन इस बार 5-5 कलाकारों को मौका दिया जाएगा।
ट्रैफिक पाइंट पर स्टाॅल लगाकर बांटे मास्क
कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए शासन द्वारा सख्त रूख अपनाना शुरू कर दिया है एवं लोगों को संक्रमण से बचाव हेतु मास्क की अनिवार्यता अथवा जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
इसी शृंखला में स्वयंसेवी संस्था अंकुर प्रगतिशील महिला केंद्र एवं चाइल्ड लाइन द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान प्रारंभ कर मास्क की उपयोगिता एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा सैनिटाइजर का उपयोग करने हेतु लोगों को समझाइश दी जा रही है। लोगों को नि:शुल्क मास्क वितरण का कार्य ट्रैफिक पाइंट पर स्टाल लगाकर किया जा रहा है। सोमवार को कलेक्टर दिनेश जैन ने ट्रैफिक पाइट पर संस्था के स्टॉल पर ग्रामीणों को मास्क देकर शुरुआत की। जैन ने कहा कि कोरोना से बचने हेतु स्वयं सावधानी रखना होगी।
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