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रविवार, 8 नवंबर 2020

ट्रिपलआईटी छात्रों को 3 साल बाद भी न तो कैंपस मिला, न डायरेक्टर

ट्रिपलआईटी छात्रों को 3 साल बाद भी न तो कैंपस मिला, न डायरेक्टर

भोपाल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपलआईटी) भोपाल में फर्स्ट बैच के स्टूडेंट्स फाइनल में आ चुके हैं। अभी तक न तो इनको अपना कैंपस मिला है और न ही परमानेंट फैकल्टी के साथ डायरेक्टर भी। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान की मेंटरशिप में चल रहे ट्रिपलआईटी के स्टूडेंट्स के सामने अब कैंपस प्लेसमेंट की चिंता सताने लगी है।

अब तक इनकी प्लेसमेंट एक्टिविटी मैनिट के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के साथ आयोजित हो रही थीं, लेकिन मैनिट के स्टूडेंट्स ने इसका विरोध दर्ज कराया। इसके चलते एक ट्रिपलआईटी के अलग से ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट एग्जीक्यूटिव की नियुक्ति करने की जा रही है। इसके लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके लिए इच्छुक उम्मीदवार से 18 नवंबर तक आवेदन मांगे हैं।

डायरेक्टर की नियुक्ति की मांग
छात्रों का कहना है कि अभी हम और हमारा पूरा इंस्टीट्यूट मैनिट के भरोसे है। एक डायरेक्टर दो इंस्टीट्यूट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यदि हमारे अपने डायरेक्टर होंगे तो उनके पास हमारे लिए अधिक समय होगा। उनके आने से कैंपस भी जल्द बनेगा और परमानेंट फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। कैंपस प्लसमेंट की समस्या भी दूर होगी। इसके लिए एमएचआरडी से मांग की है कि जल्द ही डायरेक्टर की नियुक्ति की जाए। इसके लिए छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय(एमएचआरडी) में डायरेक्टर की नियुक्ति के संबंध में आरटीआई भी लगाई। इसके जवाब में उन्हें बताया है कि डायरेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। दूसरी बार कमेटी बनाई गई है। जल्द ही नियुक्ति हो सकेगी। लेकिन छात्रों का कहना है कि यह जवाब आए दो माह हो चुके हैं। इस मामले में जल्द ही एमएचआरडी से अपील करेंगे।

यह मांगी योग्यता... उम्मीदवार के पास प्रतिष्ठित विवि से एमबीए फुलटाइम डिग्री होनी चाहिए। 2 साल के लीडरशिप रोल के साथ न्यूनतम 5 से 10 साल का इंडस्ट्रियल अनुभव होना चाहिए। भर्ती संबंधित अन्य नियम व शर्ते आदि जानकारी ट्रिपलआईटी की वेबसाइट https://ift.tt/2PYcmMq से प्राप्त की जा सकती है।

अभी कांट्रेक्ट फैकल्टी के भरोसे हो रही पढ़ाई
सीनियर छात्र ने बताया कि पहले बैच में 110 स्टूडेंट्स हैं। वहीं कुल 400 से अधिक संख्या है। सीनियर छात्रों ने तीन साल विभिन्न समस्याओं में निकाल दिए। अभी कांट्रेक्ट फैकल्टी के भरोसे पढ़ाई चल रही है। वहीं ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट की जिम्मेदारी मैनिट की टीपीओ प्रो. अरुणा सक्सेना संभाल रही हैं।



TripleIT students neither got campus nor director even after 3 years



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