दक्षिणी पाकिस्तान के ऊपर बना चक्रवाती घेरा और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण रविवार को सुबह से मौसम बदला गया। दोपहर 2 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जो करीब पौन घंटे चला। लेकिन शाम ढलते ही शुरू हुई तेज बारिश रुक रुककर देररात चलती रही।
बेमौसम बारिश से अब सर्दी तेजी से रफ्तार पकड़ेगी। साथ ही कोहरा छाना भी शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी 18 नवंबर को फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर 22 नवंबर तक रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 नवंबर के आसपास फिर से अंचल में हल्की बारिश हो सकती है।
दो दिन में 3.50 चढ़ा रात का पारा
मौसम में आए बदलाव के चलते दो दिन में रात का पारा 3.5 डिग्री चढ़ गया। जबकि दिन के तापमान में गिरावट आई है। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री गिरावट के साथ 29.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री बढ़त के साथ 15.1 डिग्री दर्ज़ किया गया। यह सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा।
22 के बाद फिर हो सकती है बारिश
अभी एक सप्ताह तक रात के तापमान में ज़्यादा गिरावट नहीं आएगी। इसका कारण बादल छाए रहना है। 18 नवंबर से फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका असर 22 नवंबर तक रहेगा। 22 के बाद अंचल में फिरसे बारिश का एक दौर शुरू हो सकता है। इसके बाद तेजी से तापमान गिरेगा। अधिकतम तापमान जहाँ 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री के नीचे पहुंच जाएगा।
बारिश से सड़कों और तलघरों में भरा पानी
बारिश से नदी गेट, फूलबाग चौराहा, बाल भवन, पिंटो पार्क क्षेत्र, तारागंज क्षेत्र, कंपू, पाताली हनुमान मंदिर, सिटी सेंटर रोड, पड़ाव में नए आरओबी के पास पानी भर गया। इस वजह से आसपास के तलघरों में भी पानी पहुंचा।
कई क्षेत्रों में देररात तक गायब रही बिजली: रविवार को तेज बारिश की वजह से दोपहर 2 से रात 11 बजे तक 20 फीडरों पर फॉल्ट हुए। इससे महलगांव, सिटी सेंटर, शारदा विहार, गोविंदपुरी ,दर्पण कॉलोनी, जेएएच, विनय नगर, सिकंदर कंपू, गोल पहाड़िया, दीनदयाल नगर, मुरार, दाल बाजार, जयेंद्रगंज इलाकों में अंधेरा छाया रहा।
बारिश होने से ठंड बढ़ेगी
^बारिश होने के कारण ठंड अब बढ़ेगी। इसका असर 22 के बाद तेजी से देखने को मिलेगा। 18 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 22 तक इसका असर रहेगा। 22 के आसपास फिर से बारिश हो सकती है। इसके सर्दी बढ़ेगी।
-वेद प्रकाश सिंह, वरिष्ठ मौमस वैज्ञानिक
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Hi friends