किसानों को फसल पर्याप्त पानी देने व बोवनी के लिए गांवों तक नहर के माध्यम से पानी पहुंचाया गया है लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण किसानों को नहरों के माध्यम से पानी नहीं मिल पा रहा है। कई स्थानों पर घटिया निर्माण होने से नहर क्षतिग्रस्त हो गई है तो कई पर सालों से सफाई नहीं होने से नहरों में ही झाड़ियां उग गई है। इससे किसानों को बोवनी करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
शहर से करीब 8 किमी दूर चित्रमोड़ गांव में इंदिरा सागर परियोजना की नहर से किसानों को पानी पहुंचाया जा रहा है। खंगवाड़ा इकाई के तहत 5 गांवों में नहरों का पानी सप्लाय होता है। इसमें खुड़गांव, खंगवाड़ा, अजरुद, चित्रमोड़ व राजपुरा शामिल हैं। इन गांवों से गुजर रही नहरों में इस साल बोवनी के लिए अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे किसान गेहूं व चने की बोवनी कर पानी नहीं दे पा रहे हैं। इससे किसानों के सामने चिंता बनी हुई है। किसानों ने बताया खंगवाड़ा इकाई की नहरों में गुणवत्ताहीन काम किया गया है। लापरवाही के कारण जगह-जगह नहर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
तीन साल से नहीं हुई मरम्मत, नहीं हुई सफाई
महेश व तिलोकचंद्र ने बताया खंगवाड़ा इकाई की नहरों की ओर अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण नहर क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने बताया इस क्षेत्र की नहरों की करीब तीन साल से मरम्मत नहीं हुई है। न ही सफाई हो रही है। जिससे नहरों में झाड़ियां उग गई है। क्षतिग्रस्त नहरों से पानी बाहर ही बह जाता है। नहरों की सफाई न होने से कचरा के कारण बीच में ही पानी रुक जाता है। आगे के किसानों को पानी नहीं मिल पाता है। जिसके लिए किसान स्वयं ही नहरों से कचरा हटाते हैं ताकि वहां तक पानी पहुंच सके।
खुड़गांव में अब तक नहीं मिला नहरों का पानी
किसान राधेश्याम ने बताया खंगवाड़ा इकाई के तहत खुडगांव में भी नहरों का निर्माण करीब 5 पहले कराया गया था। नहर निर्माण से किसान खुश थे कि अब फसलों को पानी देकर अच्छी उपज पैदा की जाएगी लेकिन जब से नहर का निर्माण हुआ है तब से लेकर आज तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा है। जिससे शासन की योजना के लाखों रुपए बर्बाद हो रहे हैं। और किसानों को पानी भी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने पानी नहीं आने की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की लेकिन अब तक निराकरण नहीं किया गया। किसानों ने अफसरों से पानी छोड़ने की मांग की है।
नालों में व्यर्थ बह जाता है पानी
किसानों ने बताया नहरों के क्षतिग्रस्त होने से नहरों का पानी व्यर्थ ही बह जाता है। कई बार कचरा होने से नहर का पानी रुक जाता है। जो खेत में न घुसे इस लिए किसान नहर के पानी को नालों में छोड़ देते हैं। किसानों ने बताया नहर की सफाई हो जाए तो जरुरतमंद किसानों को नहरों से पर्याप्त पानी मिल सकता है।
हर साल नहरों को
साफ करने के लिए मिलती है राशि
किसानों ने बताया हर क्षेत्र की नहरों की सुरक्षा के लिए समिति का निर्माण किया गया है। जो नहरों की देखरेख करती है। इस समिति को हर साल नहरों को साफ करने के लिए राशि दी जाती है। जिससे नहरों की मरम्मत व साफ सफाई की जा सके लेकिन नहरों की मरम्मत नहीं की जाती है। इससे शासन की राशि बर्बाद हो रही है। कई स्थानों पर तो राशि नहीं दी जाती है।
नंदगांव में हर साल नहर क्षतिग्रस्त होने से खेतों में भर जाता है पानी
क्षेत्र के किसानों ने बताया नंदगांव मार्ग से निकल रही नहर एक स्थान पर कई सालों से क्षतिग्रस्त हो रही है। इस नहर के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के करीब 20 से अधिक किसानों के खेतों में पानी जमा हो जाता है। पूरी फसल जलमग्न हो जाती है। जिसके निराकरण के लिए हर साल किसान अफसरों से शिकायत करते हैं लेकिन उनकी समस्या का निराकरण अब तक नहीं किया गया।
औद्योगिक भूमि का दुरुपयोग, किराए पर दे रहे जमीन
नगर के औद्योगिक क्षेत्र की भूमि को गैर औद्योगिक कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। दुरुपयोग कर उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूमियों को किराए पर दे दिया गया है। ये बातें ग्राम नावघाटखेड़ी के निवासियों ने विधायक सचिन बिरला से रविवार को विधायक चौपाल के दौरान कही। ग्रामीणों ने बताया नर्मदा के तटवर्ती ग्राम में बेरोजगारी बड़ी समस्या है।
औद्योगिक क्षेत्र में वर्षों पूर्व शासन ने उद्योग स्थापित करने करने के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटित की गई थी लेकिन अधिकांश लोग, उद्योग लगाने के बजाय भूमि का गैर औद्योगिक कार्यों में उपयोग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने उद्योग की भूमि को किराए पर भी दे रखा है। ग्रामीणों ने विधायक बिरला से मांग की कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापित किए जाए ताकि बेरोजगारों को काम मिल सके। बिरला ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित उद्योग की भूमियों का दुरुपयोग रोका जाएगा और उद्योग के बजाय अन्य कार्यों में उपयोग की जा रही भूमियों की जानकारी लेकर सूचीबद्ध किया जा रहा है। इसके बाद उच्चस्तर पर कार्रवाई कर औद्योगिक भूमि को मुक्त कराया जाएगा और उद्योग लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
नावघाटखेड़ी में होगी अगरबत्ती निर्माण उद्योग की स्थापना
ग्राम नावघाटखेड़ी की महिलाओं को रोजगार के लिए आजीविका मिशन के तहत अगरबत्ती निर्माण उद्योग की स्थापना की जाएगी। बिरला ने बड़वाह के दशहरा मैदान, पीली मिट्टी, बजरंग घाट, टावर बेड़ी, कारियामाल, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रेवा नगर, शर्मा कॉलोनी और सुराणा नगर में लाेगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। दशहरा मैदान में लोगों ने बिरला से अपशिष्ट जल निकासी की समस्या से अवगत कराया। विधायक बिरला ने सभी समस्याओं के शीघ्र निदान के लिए आश्वासन दिया। विधायक ने बड़वाह क्षेत्र में लाखों रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण किए। बिरला ने नावघाटखेड़ी में तीन माता की बाड़ी के लिए 6 लाख रुपए, ग्राम रूपाबेड़ी में विभिन्न समाजों के चार सामुदायिक के लिए 5-5 लाख रुपए, दो मंदिरों के निर्माण के लिए एक लाख रुपए दिए। विधायक ने विभिन्न ग्रामों के युवाओं को खेल सामग्री के लिए राशि प्रदान की। भजन मंडलियों को वाद्ययंत्र प्रदान करने की घोषणा की।
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