गुरुवार, 19 नवंबर 2020

बैन की अफवाहों से बिगड़ा राजधानी का पटाखा बाजार, व्यापारियों को 20 करोड़ का नुकसान

बैन की अफवाहों से बिगड़ा राजधानी का पटाखा बाजार, व्यापारियों को 20 करोड़ का नुकसान

पटाखा बैन को लेकर मची गफलत की स्थिति से थोक व्यापारियों के 20 करोड़ के पटाखे नहीं बिक पाए। व्यापारियों ने 35 करोड़ के पटाखे खरीदे थे। इसमें केवल 15 करोड़ के ही पटाखे बिक सके।

बैंक लिमिट और बाजार से 24% से 32% ब्याज पर पैसा लेकर पटाखा लाने वाले थोक व्यापारी खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि बैन को लेकर मप्र सरकार की तरफ से विरोधाभाषी बयान जारी किए गए। इसके लिए कलेक्टर्स को अधिकार दिए गए थे। इसका इस्तेमाल करते हुए कई जिलों में कलेक्टर्स ने पटाखों को बैन भी कर दिया। खबरें बाजार में आने के बाद राजधानी में पिछले साल के मुकाबले महज 46% ही दुकानें लगीं।

2019 में दिवाली के लिए शहर में पटाखों की 438 दुकानें लगीं थी। इस बार केवल 201 दुकानें ही लग पाईं। पटाखा व्यापारी राज चंदानी कहते हैं, मेरा 30 लाख से अधिक का माल बिक नहीं सका। मैंने 65 लाख के पटाखे बुलाए थे। एक अन्य व्यापारी मोहित गुरुबानी बताते हैं, हमारा परिवार 40 सालों से यहां दुकान लगा रहा है। यह पहला साल था जब हमें इस कदर घाटा उठाना पड़ा। हमारा 50% से अधिक माल गोदाम में ही रह गया। हमें यह नहीं समझ आ रहा है कि हम इसकी भरपाई कैसे करेंगे।

दुकानों की स्थिति

बैरागढ़ के थोक व्यापारियों को ज्यादा नुकसान
पटाखा व्यवसायी संघ के अध्यक्ष दौलतराम सबनानी कहते हैं, भोपाल से लगे एक दर्जन से अधिक जिलों के सभी क्षेत्रों के लिए पटाखे बैरागढ़ के थोक बाजार से ही जाते हैं। हर साल करीब 3 से 4 हजार व्यापारी यहां माल खरीदने आते थे। लेकिन बार उनकी संख्या 1200 से 1500 ही रही।



54% फुटकर पटाखा दुकानें नहीं लग सकीं शहर में




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