शहर में स्मार्ट लगने का काम बुधवार से शुरू होगा। बारी-बारी से शहर की एक-एक कॉलोनियों में ये मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए टेस्टिंग चल रही है। इसके बाद मीटर लगाने का काम शुरू होगा और एक साल में सभी घरों में मीटर लगा दिए जाएंगे।
इसकी शुरुआत 3 जोन की एक-एक कॉलोनी में एक साथ होगी। इन जोन में रत्नपुरी, काटजूनगर एवं बाजना बस स्टैंड की कॉलोनियां शामिल हैं जहां मीटर लगाए जाएंगे। शुरुआत में 1 हजार मीटर लगाएंगे। इसके बाद बारी-बारी से कॉलोनियों का चयन कर उनमें मीटर लगाए जाएंगे। 18 नवंबर से काम शुरू होगा और अगले साल दीपावली तक सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे। खास बात तो यह है कि बिजली कंपनी इन मीटरों को फ्री लगाएगी यानी उपभोक्ताओं को इनके एवज में कोई राशि नहीं चुकाना होगी। स्थापना अवधि के बाद इनकी साढ़े पांच साल की गारंटी भी है। इसके साथ ही रतलाम प्रदेश का दूसरा शहर बन जाएगा जहां स्मार्ट लगने जा रहे हैं। पहला इंदौर है।
टॉवर जैसे राउटर से होगी बिजली की रीडिंग
इन मीटरों की बिजली रीडिंग राउटर के जरिए होगी। ये टॉवर की तर्ज पर रहेंगे। ये राउटर हर महीने की एक तारीख को रीडिंग लेगा और फिर रतलाम के कंट्रोल सेंटर के साथ इंदौर स्थित सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल सेंटर पर भेजेगा। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली के बिल जारी किए जा सकें। एक राउटर एक साथ 400 मीटर की रीडिंग ले सकता है। शहर में 81 हजार बिजली मीटर लगे हैं।
18 नवंबर से लगेंगे स्मार्ट मीटर
अधीक्षण यंत्री एल.के. सोनेजी ने बताया कि अभी टेस्टिंग चल रही है। 18 नवंबर से शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया जाएगा। एक साल में सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे। बिजली कंपनी के साथ उपभोक्ताओं को रीडिंग ज्यादा आने की शिकायत नहीं रहेगी।
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