शहर के बीच स्थित पिरानपीर टेकड़ी पर माता शीतला का मंदिर है। जो करीब 200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस बार नवरात्रि में माता के दर्शन के लिए विशेष तैयारी की गई है। जहां पर श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, लाइटिंग, पीने के पानी सहित दर्शन के लिए व्यवस्था की है। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पहले सैनिटाइजर से हाथ धोना होगा। उसके बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। साथ ही अधिक भीड़ न हो इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा।
माता मंदिर के सेवकों ने बताया पिरानपीर टेकड़ी पर बाबा की दरगाह है। इससे कुछ दूरी पर माता का मंदिर स्थापित है। जो नगर में सबसे प्राचीन है। लोगों के अनुसार यह माता की प्रतिमा करीब 250 साल पहले स्वयं भू निकली थी। जिसके बाद श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होने पर यहां पर दर्शनों के लिए भीड़ लगने लगी। इसके बाद जनसहयोग से माता का मंदिर व अन्य निर्माण कराया गया है। जहां पर करीब 50 पेड़ी की चढ़ाई कर माता के दर्शन किए जा सकते हैं।
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