आंशिक छूट को लॉकडाउन खुलना समझकर सोमवार को शहरवासी सड़कों पर उतर आए। अधिकांश दुकानें तो बंद थी लेकिन लोगों की भीड़ सड़कों पर नजर आने लगी। दुपहिया और चौपहिया वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई। जबकि लॉकडाउन में आंशिक छूट सिर्फ छोटे व्यवसाय के कुछ क्षेत्र और मजदूर वर्गों को मिली है। लेकिन घरों में बैठे लोग बेवजह सड़कों का नजारा देखने ही निकल पड़े। इन लोगों की वजह से कई दुकानदार अपनी दुकानें नहीं खोल पाए।
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप की ओर से लॉकडाउन में लोगों से घरों में रहने की अपील वायरल की जा रही है। इसके बावजूद लोग नहीं मान रहे। पुलिस ने सोमवार को 35 वाहन जब्त किए है। राज्य
सरकार ने सोमवार को कई जिलों में आंशिक छूट का निर्णय लिया था। इसको देखते हुए सोमवार को शहर के लोग सड़कों पर बेवजह ही निकलने लग गए।
वाहनोें की संख्या अधिक : सुबह 10 बजे तक मुख्य रोड पर काफी संख्या में लोगों की आवाजाही देखने को मिली। पैदल जाने वालों के अलावा वाहनों की संख्या भी काफी ज्यादा थी। लोग आंशिक छूट को मानो लॉकडाउन खत्म मानकर ही बाहर निकलना शुरू हो गए। सुबह चौराहों और मुख्य सड़कों पर पुलिस लोगों को रोककर सख्ती बरतती नजर आई। सोमवार को बैंक खुलने से जन धन के खाते में आए 500-500 रुपए निकलवाने के लिए भी महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।
काम तो चालू कर दिया, माल कहां से लें : आंशिक छूट के चलते प्रशासन ने फर्नीचर सहित अन्य कार्य के लिए अनुमति दे दी है। कईं लोगों ने फर्नीचर का काम भी शुरू कर दिया। लेकिन माल लेने की समस्या खड़ी हो गई। माल नहीं मिलने से अब ठेकेदार और मजदूरों के सामने दिक्कत आ रही है कि वे काम कैसे करें। माल कहां से लाएं। बिना माल के कार्य नहीं हो सकता। इन सबके लिए भी अनुमति लेने का टंटा सामने आ जाता है।
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