सोशल मीडिया डेस्क. 20 मार्च 2020, शुक्रवार की तारीख अब न भुलाए जा सकने वाला इतिहास बन गई। आज सुबह 7 साल 3 महीने और 4 दिन बाद निर्भया केस में अंतिम फैसला हो गया। निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दुष्कर्मी हत्यारों को एक साथ फांसी पर लटका दिया गया।
फांसी का काउंटडाउन शुरू होते ही न केवल दिल्ली स्थिततिहाड़ जेल के बाहर, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों काजश्न शुरू हो गया है। लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं, लेकिन इस न्याय को देरी से आया और अधूरा न्याय बता रहे हैं।
ऐसे ही कुछ ताजा संदेश -
— PraveenKumar (@ipraveenkmr) March 20, 2020
#NirbhayaCase— Rahulkrishna1hsr (@Rahulkrishna1h2) March 20, 2020
All 4 convicts of nirbhaya case were hanged today at 5.30 am , Justice served , it took 7 long year's, better late than never. pic.twitter.com/wm5uEjGHuq
Finally justice for nirbhaya wins #NirbhayaCase pic.twitter.com/YAx8KCpKG8— Amrish Amrish (@AmrishAmrish2) March 20, 2020
— Farhan Ahmad (@ErFarhanAhmad) March 20, 2020
फाँसी कोई सजा नहीं है। फाँसी तो अपराधियों को जीवन और जीवन के कष्ट से मुक्ति देने का सिस्टम है। किसी को फाँसी की सजा होती है, तो फाँसी होने तक उसे मानसिक पीड़ा होती है, फाँसी पर लटकने में महज 2 मिनट तकलीफ होती होगी। पर ज़िन्दगी भर की सजा तो उसके परिजनों को मिलती है।#Nirbhaya— वेद प्रकाश ActivistVed (@ActivistVed) March 20, 2020
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