बुधवार, 18 मार्च 2020

रेत, ड्रग, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया पर सख्त कार्रवाई करने के लिए बनाई कमेटी


चंडीगढ़.वर्तमान और पिछली सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद प्रदेश के अपनी जड़ें जमाए हुए रेत, ड्रग, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया पर ठोस कार्रवाई के लिए अब कांग्रेस सरकार ने एक विशेष कमेटी बनाने का फैसला किया है। मंगलवार को सरकार ने स्पष्ट किया कि इस कमेटी में ट्रांसपोर्ट, लोकल बॉडी, इंडस्ट्री, फॉरेस्ट, ग्रमाीण विकास एवं पंचायत और एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के मंत्री व अफसर शामिल रहेंगे। यह कमेटी उक्त चारों माफिया पर ठोस कार्रवाई करेगी। कमेटी इसके लिए पंजाब इंटेलिजेंस ब्यूरो की सेवाएं भी ले सकती है।

यह कमेटी हर महीने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को रिपोर्ट करेगी। राजस्व और वाटर रिर्सोसिस मिनिस्टर सुख सरकारिया ने कहा कि हालांकि सरकार उक्त चारों माफिया लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन अब आने वाले दो सालों में और सख्ती से कार्रवाई की जाएगी ताकि माफियाराज का खात्मा किया जा सके। इसलिए सरकार ने इस स्पेशल कमेटी का गठन किया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में कमेटी हरकत में आ जाएगी और महीनेभर में ही सूबे में प्रभावशाली हो चुके माफिया पर इसके नतीजे भी दिखने को मिलने लगेंगे।

कमेटी कैसे करेगी काम,किन-किन क्षेत्रों पर होगा फोकस
  • यह कमेटी सूबे के सभी जिलों में उक्त चारों माफिया पर नजर रखने के लिए संबंधित जिलों के डीसी से समय-समय पर मीटिंग कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाएगी।
  • जिस भी विभाग से संबंधित माफिया किसी जिले में पकड़ा जाएगा, उसी के अनुसार उस पर कार्रवाई की जाएगी।
  • इस कमेटी की एक संयुक्त मीटिंग हर 15 दिन बाद होगी। इसमें सभी विभागों के साथ मिलकर माफिया से संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
  • महीने में एक बार यह कमेटी मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग करेगी और उन्हें सभी मामलों में उठाए गए कदमों की पूरी रिपोर्ट देगी। अगर कहीं कोई अड़चन आ रही है तो सीएम के आदेशों पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
क्या हुई कार्रवाई, हर 15 दिन में होगी बैठक
रेत माफिया- रेवेन्यू की जांच होगी, धरपकड़ की जाएगी

इनकी धरपकड़ के लिए कमेटी यह देखेगी कि प्रदेश में कहां- कहां रेत माफिया सक्रिय हैं। कहां कितनी खड्‌ड खनन के लिए अलॉट की गई हैं और इनसे सरकार को कितना रेवेन्यू आना चाहिए और कितना आ रहा है।

- अगर वहां अवैध खनन हो रहा है कि तो संबंधित जिला अधिकारी उस पर किस स्तर पर कार्रवाई कर पाए। इसमें अवैध खनन पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। इसके लिए कमेटी के मेंबर डीसी से तीन से चार चरणों में मीटिंग करेंगे ताकि संबंधित जिले में अवैध खनन पर रोक के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

ट्रांसपोर्ट माफिया- हर रूट पर परमिट की जांच होगी

कौन-कौन से रूट्स पर सरकार ने कितने परमिट जारी कर रखे हैं और कितनी बसे इस समय चल रही है। इसके साथ ही जिस बस को 24 किलोमीटर तक का ही परमिट जारी है, वह उससेे अागे कैसे चल रही हंै। किन-किन रूट्स पर अवैध बसें चल रही हैं। इस कार्रवाई के लिए कमेटी जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी और जिला ट्रैफिंग विंग के अफसरों को साथ लेकर काम करेगी। परिवहन अधिकारी कार्रवाई को अधिकृत होंगे।

शराब माफिया- फ्लाइंग स्क्वायड का भी गठन होगा

इस पर कार्रवाई के लिए कमेटी सबसे पहले इंटर स्टेट पॉलिसी के तहत शराब के होने वाले कारोबार को देखेगी कि इससे सरकार को कितन राजस्व आ रहा है और कितना आना चाहिए। शराब की अवैध तस्करी रोकने के लिए कमेटी एक फ्लाइंग स्क्वायड का भी अलग से गठन करेगी। वहीं एसपी रैंक की सेवाएं ली जाएगी ताकि माफिया पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सकेगी, चूंकि एक्साइज एंड टैक्ससेशन विभाग सीएम के पास है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर कमेटी सीएम से सीधे संपर्क कर सकेगी।

ड्रग माफिया- इंटेलिजेंस ब्यूरो की मदद ली जाएगी

हालांकि राज्य सरकार ने कार्रवाई के लिए पहले से ही एसआईटी बना रखी है। इसके साथ अब यह कमेटी भी ड्रग माफिया पर नजर रखेगी। इसके लिए कमेटी पंजाब इंटेलिजेंस ब्यूरो की भी सहायता लेगी। कमेटी यह देखेगी कि गांव स्तर पर आखिर नशा कितना और कैसे पहुंच रहा है और इस पर कैसे ठोस तरीके से रोक लगाई जा सकती है।




मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।




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