रविवार, 22 मार्च 2020

आर्मी के संपर्क में पुलिस, एयर एंबुलेंस की तैयारी


पानीपत (मनोज कुमार ) .राज्य में हर दिन कोरोना वायरस से पीड़ितों के नए केस सामने आने के साथ सर्विलांस पर रखे लोगों की संख्या 7166 से पार होने के बाद युद्ध जैसी तैयारी शुरू कर दी है। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, अनाज की स्थिति देखने के साथ अनाज को एक से दूसरी जगह ले जाने के इंतजाम करने को कह दिया है। रेफ्रिजरेटर्स वाले वाहन तैयार रखने के आदेश दिए हैं।

होम डिपार्टमेंट को आर्मी, पैरामिलिट्री फोर्स आदि से संपर्क करने के साथ ही आपातकाल में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति संभालने को तैयार रहने को कहा है।

पुलिस को सायरन, लाउडस्पीकर जैसी चीजें रखने को भी कहा है।जिलों में डीसी अपने इलाके में आर्मी, बीएसएफ, एयरफोर्स व आईटीबीपी के साथ कॉर्डिनेशन बनाकर रखेंगे, ताकि आपतकाल में मदद ली जा सके। इधर, सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को एअर एंबुलेंस तैयार रखने की जिम्मेदारी दी है। राज्य सरकार ने रेवन्यू एवं डिजास्टर मैनेजमेट को इस बीमारी से लड़ाई लड़ने के लिए फंड की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य में मरीजों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में 327 आइसोलेशन वार्डों में 2472 बेड की व्यवस्था की है, जबकि 1494 रूम क्वारेंटाइन के रूप में रखे गए हैं, जिनमें 6013 लोगों को रखा जा सकता है।

जानिए... किस विभाग को क्या सौंपी गई जिम्मेदारी
  • हेल्थ डिपार्टमेंट: आइसोलेशन वार्ड में वेंटीलेटर की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
  • पंचायती राज विभाग: वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पूरी तैयारी रखें।
बिजली विभाग: बिजली के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं।
फूड एंड सप्लाई : गोदामों और कोल्ड स्टोरेज का डाटा तैयार कर लिया जाए।

परिवहन विभाग: पीड़ितों और टीम को ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था कर ली जाए।

इंडस्ट्री एवं कॉमर्स और लेबर : मास्क, गोगल आदि की जानकारी तैयार रखी जाए।

हरियाणा में जांच के लिए पांच और लैब की मांग

राज्य में पीजीआई, रोहतक व भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में लैब बनाई गई है। इसके अलावा चंडीगढ़ और दिल्ली से भी सैंपल की जांच कराई जा रही है। सरकार ने केंद्र से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, महाराज अग्रसेन कॉलेज अग्रोहा, शहीद हसन मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ नूंह, पीजीआई रोहतक के लिए दूसरी लैब और पंचकूला के नागरिक अस्पताल के लिए कोरोना वायरस जांच लैब खोलने मांग की है।

7 दिन में अस्पतालों में पहुंचेगी विशेष किट

राज्य में केस बढ़ते हैं तो अस्पतालों में रुटीन ओपीडी बंद हो सकती है। सीएमओ को बचाव के लिए सामान आदि खरीद करने की छूट है। मेडिकल संबंधी चीजें 7 दिनों में पहुंचा दी जाएंगी।

प्रतीकात्मक फोटो।



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