शुक्रवार, 27 मार्च 2020

लॉकडाउन के बाद जनरल स्टोर पर मिलने वाले एंटीसेप्टिक का मेडिकल स्टोर पर भी ‘डेडलॉक’, सेनिटाइजर मिल भी रहे हैं तो ज्यादा महंगे


जयपुर (महेश शर्मा).कोरोना वायरस से उपजे लॉकडाउन के हालात पर एक ओर जहां कई लोग मदद को आगे आ रहे हैं, वहीं वायरस के संक्रमण से बचाव के काम आने वाली जरूरी चीजों का ‘डेडलॉक’ हो चुका है। एक बेहद जरूरी समस्या एंटीसेप्टिक (डिटोल-सेवलोन आदि प्रोडेक्ट) को लेकर आ रही है। फील्ड में निकल रहे लोगों के लिए डॉक्टरों की सलाह पर इन एंटीसेप्टिक की जरूरत बढ़ गई है। खासकर घर जाने के बाद पानी में एंटीसेप्टिक डालकर कपड़ों को इनमें से निकालने के लिए। लेकिन बाजार में इनका उपलब्धता है ही नहीं। जबकि जनरल स्टोर पर ये चीजें आसानी से मिलती थी, वो अब मेडिकल स्टोर पर भी नहीं मिल रही।

इसके साथ ही बाजार में सेनिटाइजर की उपलब्धता भी बेहद शार्ट है। या फिर जो मिल रहे हैं उनकी क्वालिटी सही नहीं है। भास्कर ने राजापार्क, जवाहर नगर, टोंक रोड, गोविंद मार्ग, एसएमएस अस्पताल, जेकेलोन आदि जगह पर सेनिटाइजर को लेकर रियलिटी चैक किया तो यही हालात दिखे। मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों ने ही कहा कि जो सेनिटाइजर मिल रहे हैं, वो कारगर नहीं है। इनमें केवल ग्लिसरीन और स्प्रिट डालकर बेचा जा रहा है। जो वायरस के संक्रमण को रोकने में कारगर नहीं।

बड़ी कंपनियां से अलग मदद के लिए उठे हाथ

महामारी ने एक ओर जहां हर किसी में डर पैदा कर दिया है। जरूरी चीजों की सप्लाई भी बाधित हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई मददगारों के हाथ भी खड़े हैं। बिजनस-मेन सुनील मेहता के मुताबिक राज्य सरकार आइसोलेशन के लिए उनकी होटल आदि काम ले सकती है। इसी तरह जवाहर नगर में ताजा फल के ही देवानंद ने कहा कि वो एसएमएस मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन में लगे स्टाफ के लिए मुफ्त में फल-सब्जियां देने को तैयार हैं। इस संबंध में उनको निवेदन कर दिया है। इसके साथ ही व्यवस्थाओं में जुटी पुलिस के लिए भी वो मदद को आगे आए हैं। इनकी टीम क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर, जवाहर नगर, आदर्श नगर पुलिस थाने के स्टाफ के लिए फल-सब्जियों की व्यवस्था करेंगी। वहीं जरूरत मंद क्षेत्रवासियों को भी घर बैठे सप्लाई की जाएगी। यही नहीं आश्वस्त किया है कि महामारी के दौरान वो किसी तरह की कालाबाजारी को हवा नहीं देंगे, बल्कि हाइजीन का पूरा ख़याल रखा जाएगा।

लोगों ने इतना भ्रम फैला दिया कि डेड-लॉक हो गया, वैसे बता दें कि साबुन का उपयोग ज्यादा अच्छा
संजय सिंघल, असि. ड्रग कंट्रोलर से सवाल


प्रश्न- बाजार में एंटीसेप्टिक तक नहीं मिल रहे?

जवाब- डिटोल-सेवलोन की बात कर रहे हैं ... जो कि कंज्यूमर आइटम है। हां, मार्केट में शॉर्टेज है। कारण रो-मेटेरियल नहीं मिल रहा।

प्रश्न- यही हालात सेनिटाइजर को लेकर चल रही है, जो सबसे जरूरी है?

जवाब-
उपलब्धता सुनिश्चित करवा रहे हैं। इतना भ्रम फैला कि शॉर्टेज हो गई।

प्रश्न- भ्रम की बात कहां है, वायरस के संक्रमण के लिए जरूरी है?

जवाब- सेनिटाजर के लिए आईसो प्रोफाइल अल्कोहल चाहिए, लेकिन ये चीजें नही ंहै। इसकी उपलब्धता के लिए एक्साइज डिपार्टमेंट के साथ काम कर रहे हैं। डेड-लॉक हो चुका। वैसे साबुन काम ले तो अच्छा है।

प्रश्न- लेकिन फिलहाल जो नकली सेनिटाइजर मिल रहा है, उसका क्या? न तो वो वायरस से रोकेगा, बल्कि लोगों की जेब भी ढीली हो रही है?

जवाब- नकली सेनिटाजर पर कार्रवाई कर रहे हैं। टीमें लगी हुई है। कंट्रोल रूम बना दिया है। डीसीओ की ड्यूटी लगा दी है।

प्रतीकात्मक फोटो।




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