जयपुर.शहर के दाेनाें नगर निगमाें में 5 अप्रैल काे प्रस्तावित चुनाव स्थगित करने काे लेकर चुनाव आयाेग ने अभी तक काेई फैसला नहीं किया है। ऐसे में पार्षद व मेयर पद की दावेदारी के लिए नेताओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिसीमन से पहले जयपुर नगर निगम में 91 वार्ड थे जो अब दो नगर निगम बनने से 250 वार्ड हो गए हैं। अब जबसे हेरिटेज व ग्रेटर नगर निगम की लाॅटरी निकलने के बाद से निवर्तमान 53 पार्षदों की जमीन खिसक गई है। खुद की केटेगरी का वार्ड में आरक्षण न होेने से 35 पार्षदों की नजर अब नजदीकी वार्डों पर टिक गई है। वहीं 8 पार्षदों ने नजदीकी रिश्तेदार को चुनाव में उतारने की तैयारी कर ली है।
91 वार्ड थे, अब हेरिटेज व ग्रेटर निगम में 250 वार्ड हो गए
- 35 पार्षदों की नजदीकी वार्ड पर नजर
- 8 अपने निकट रिश्तेदार को चुनाव लड़ाने की तैयारी में
- 10 पार्षदों ने चुनाव लड़ने से साफ इंकार किया
- 36 पार्षदों का कहना कि पार्टी टिकट देगी तो लड़ेंगे
समस्या : जिस वार्ड से जीते थे वह वह अब दो-तीन हिस्सों में बंट गया
वार्ड पुनर्गठन के बाद 91 वार्डों के हिस्सेकर 250 नए वार्ड बना दिए गए। इनमें 150 वार्ड ग्रेटर व 100 हेरिटेज निगम में हो गए। पुराने वार्डों में से प्रत्येक वार्ड के दो से तीन हिस्सों में बंट गया हो गए। इसलिए लॉटरी में उनका मौजूदा वार्ड की केटेगरी चेंज होने से वो उस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ सकते। इसके लिए कुछ पार्षद तो संबंधित वार्ड में अपना वाेटर आईडी बनवाने में लगे हुए हैं। वहीं 10 पार्षद तो ऐसे हैं जो चुनाव लड़ने से ही मना कर रहे हैं।
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