रविवार, 15 मार्च 2020

खेतों में भरा बारिश का पानी, गेहूं, सरसों चना व सब्जियों की 30 फीसदी खेती बर्बाद


पश्चिमी विक्षोभ के कारण एक साथ तीन सिस्टम बनने से मार्च में बीते चार दिनों से हो रही बारिश ने रबी की फसल में नुकसान की रही सही कसर पूरी कर दी है। शुक्रवार की रात तेज हवाओं के साथ शहर सहित पूरे जिले में झमाझम बारिश हुई और खेतों में पानी भर गया। बारिश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में करीब 59 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे मार्च में अभी तक बारिश का आंकड़ा भी 108 मिमी पहुंच गया है और बीते 50 साल का रिकार्ड टूट गया है। बीते 50 वर्षों में सरगुजा जिले में मार्च के पहले पखवाड़े में इतनी बारिश नहीं हुई। बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। गेहूं व सरसों की फसल खेत में जमीन पर आड़ी हो गई। सब्जी के खेतों में पानी जमा हो गया है और पौधे गलने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के अनुसार बारिश से करीब 30 फीसदी फसल नष्ट हो गई है और यदि और बारिश हुई तो फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी। मौसम के बदल रहे मिजाज उनके चेहरे पर चिंता गहराने लगी है। उधर मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। यानी अभी राहत की उम्मीद नहीं है।

गेहूं की बाली सड़ने व दाने के कमजोर होने की आशंका

शहर से लगे बधियाचुआ इलाके किसान रामकिसुन राम ने बताया कि उसने आधा एकड़ में गेंहूू की खेती की है। गेहूं की फसल अब पकने लगी है लेकिन रात को हुई बारिश से पूरी फसल जमीन पर गिर गई है। इससे बाली के सड़ने व दाने के कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। इससे सरसों व चने की फसल को भी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि बारिश ने पकने वाली फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।


भास्कर लाइव: फसल पकने लगी थी, बारिश से पूरी तरह बर्बाद कर दिया

शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश के बाद भास्कर ने शनिवार को शहर से लगे बधियाचुआ, करजी, कतकालो, सरगवां सहित लखनपुर व अन्य क्षेत्र के गांवों में जायजा लिया तो स्थित चिंताजनक मिली।

एक साथ तीन सिस्टम बनने से हो रही बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र अंबिकापुर के मेट्रोलॉजिस्ट एएम भट्‌ठ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान व उसके आस-पास स्थित है। इसके प्रभाव से एक चक्रवर्ती घेरा हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर-प्रदेश से पूर्व मध्यप्रदेश तक एक किमी की ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी है। इससे उत्तर छत्तीसगढ़(सरगुजा संभाग) में बारिश हो रही है। यह स्थिर है। इससे अगले दो दिनों तक मौसम के इसी तरह रहने की उम्मीद है।

मार्च में इस सीजन में कब कितनी हुई बारिश

दिनांक वर्षा (मिमी में)

4 मार्च 2.3

6 मार्च 12.3

7 मार्च 2.4

11 मार्च 5.8

12 मार्च 13.8

13 मार्च 12.0

14 मार्च 59.0

50 साल का मार्च में बारिश का रिकार्ड टूटा

मौसम विभाग का अलर्ट: दो दिन और बारिश के अासार, बारिश के कारण खेतों में आड़ी हो गई गेहूं की फसल

वर्ष 1998 में मार्च में हुई थी अच्छी बारिश, लेकिन इस बार जैसी नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सरगुजा जिले में बीते 50 वर्षाें में मार्च के पहले पखवाड़े में इतनी बारिश नहीं हुई थी। जो रिकार्ड हैं उसके अनुसार वर्ष 1998 में मार्च में 106.5 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 14 मार्च तक ही 108 मिमी बारिश हो चुकी है। अभी और बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

बारिश से फसलों को काफी नुकसान लागत भी निकलना है मुश्किल

लखनपुर के ग्राम केवरा निवासी राजसुधार ने बताया कि मार्च के महीने में इतनी बारिश मैंने आज तक नहीं देखी। इससे गेहूं, चना, मटर के अलावा आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गेंहू की फसल खेत में गिर गई है। चने व मटर के खेत में पानी भर गया है। अब लागत भी निकल जाए तो बड़ी बात है।

बारिश से खेतों में पानी भर गया, इससे सब्जी की फसल खराब हो रही।

शहर सहित आस-पास के इलाके में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओले छोटे-साइज के थे।


Ambikapur News - chhattisgarh news 30 per cent cultivation of rain water wheat mustard gram and vegetables in the fields wasted
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