भोपाल.टाउन प्लानिंग एक्ट में हुए बदलाव के बाद 906 एकड़ जमीन लौटाने के फैसले पर मोहर लगा चुका बीडीए 2393 एकड़ जमीन और लौटाने जा रहा है। बीते 15 साल में 12 योजनाओं के लिए अधिग्रहित की गईं जमीनों पर 10% से भी कम विकास कार्य होने के आधार पर ये योजनाएं बंद करके निवेशकों को लौटाई जा रही हैं। मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार 2393 एकड़ जमीन की औसत कीमत 2990 करोड़ रुपए से अधिक है।
इन योजनाओं को बंद करने के साथ जमीन लौटाने का प्रस्ताव बीडीए ने तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। दरअसल, फरवरी में एक्ट का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह जमीन फ्रीज हो गई है। अब छह महीने के भीतर बीडीए को यह निर्णय लेना है कि वह नए एक्ट के हिसाब से स्कीम को चालू रखना चाहता है या स्कीम बंद करना चाहता है। नए एक्ट के हिसाब से बीडीए निवेशकों को 50% जमीन लौटा सकेगा। इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भोपाल मास्टर प्लान-2031 का ड्राफ्ट जारी होने के बाद इसमें से ज्यादातर जमीन प्राइम लोकेशन पर आ गई है। मास्टर प्लान में इन स्कीम के आसपास सड़कें आदि प्रस्तावित कर दी गईं हैं।
मिसरोद-बर्रई और बावड़ियाकलां- कटारा जैसी मास्टर प्लान की सड़कों का निर्माण खटाई में पड़ा
विकल्प... बीडीए के पास एक विकल्प यह है कि इन योजनाओं पर पुनर्विचार कर बदलाव करके कुछ योजनाओं को दोबारा लागू किया जा सकता है।
अब खटाई में पड़ जाएगा इन सड़कों का निर्माण
बीडीए जिन 12 योजनाओं को बंद करने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है, उनमें मिसरोद-बर्रई 45 मीटर चौड़ी सड़क और बावड़ियाकलां-कटारा 60 मीटर चौड़ी सड़क भी शामिल है। इसमें मिसरोद-बर्रई सड़क के दोनों ओर 300 मीटर तक टाउनशिप डेवलप की जाना थी। ऐसे में मास्टर प्लान की इन दोनों सड़कों का निर्माण ही खटाई में पड़ सकता है।
योजनाओं पर पुनर्विचार कर ही निर्णय लेंगे
अंजू पवन भदौरिया, सीईओ, बीडीए के मुताबिक,17 फरवरी को नोटिफिकेशन के साथ ही यह योजनाएं समाप्त हो गई हैं। इन पर पुनर्विचार के लिए छह माह का समय है। हम एक-एक योजना पर पुनर्विचार करके ही अंतिम निर्णय लेंगे। नियम और प्रावधान के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
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