शनिवार, 7 मार्च 2020

पश्चिमी राजस्थान में 100 साल तक नहीं हाेगी पानी की किल्लत, बाड़मेर-जैसलमेर में मिला 482 बिलियन क्यूबिक मीटर जल भंडार


नई दिल्ली/जयपुर.पानी का महत्व राजस्थान से बेहतर कौन जानता है, लेकिन अब केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के एक प्रयास से राज्य की किस्मत बदलने वाली है। पेट्रोलियम मंत्रालय बाड़मेर-जैसलमेर की भूमि से इतना पानी निकालने वाला है कि बाड़मेर, जोधपुर और जैसलमेर समेत पश्चिमी राजस्थान में 100 वर्ष तक पानी की कमी नहीं होगी। शुक्रवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने पश्चिमी राजस्थान को लेकर एक प्रेजन्टेशन प्रस्तुत किया।

30 वर्षों तक किया जा सकेगा उपयोग

अधिकारियों ने बताया कि बाड़मेर-जैसेलमेर की भूमि में गहराई में 482 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध होने का अनुमान है। यह पानी खारा है और इसका टीडीएस 1000 से 10000 है। आंकड़ों के अनुसार अभी पूरे राजस्थान में 16-17 बिलियन क्यूबिक मीटर भूजल का उपयोग हो रहा है, यानी उपलब्ध जल की उपलब्धता आगामी 30 वर्षों तक सभी कार्यों में प्रयुक्त जल कृषि, पेयजल, औद्योगिक इकाइयों में उपयोग किए जाने वाले पानी के बराबर है। प्रेजन्टेशन में बताया गया कि पेट्रोलियम कंपनियां इस खारे पानी को भूमि से निकालेंगी और पीने योग्य बनाएंगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया कि वो जलशक्ति मंत्रालय के साथ मिलकर भूमि में उपलब्ध 482 बिलियन क्यूबिक मीटर जल को लेकर काम करें। यह जल पश्चिमी राजस्थान के लिए वरदान साबित होने वाला है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में सौर और विंड पावर से ऊर्जा पैदा की जा रही है। भविष्य में भी यहां से पैदा होने वाली ऊर्जा से देश की पूर्ति होगी।

पेट्रोलियम-जलशक्ति मंत्रालय ने बैठक की।



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