मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली.कोका-कोला इंडिया ने 3 कंपनियों के साथ मिलकर बिहार में ‘उन्नति लीची’ कार्यक्रम लॉन्च किया है।
कंपनी ने इसे देहात, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र और मुजफ्फरपुर के केडिया फ्रेश संग मिलकर दिल्ली व पटना में एक साथ लॉन्च किया है। इसके तहत कंपनी मुजफ्फरपुर समेत समस्तीपुर व
वैशाली जिलों में लीची का उत्पादन बढ़ाने पर काम करेगी। साथ ही लीची किसानों व इससे संबंधित व्यवसाय से जुड़े लोगों की बेहतरी के लिए भी काम होगा।
3 हजार एकड़ खेतों को उर्वर बनाने का लक्ष्य
उन्नति लीची कार्यक्रम पहले चरण में लीची के मुख्य उत्पादक मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और वैशाली में शुरू किया जाएगा। इन जिलों में प्रदेश में लीची की सर्वाधिक खेती हाेती है। लगभग 3 हजार एकड़ खेतों को उर्वर बनाने, मौजूदा बागानों का उन्नयन व लीची का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बागानों में अधिक घनत्व वाले पौधरोपण जैसी आधुनिक तकनीक से किसानों को प्रशिक्षित करना है। दिल्ली में परियोजना की
घोषणा के मौके पर सूबे के कृषि मंत्री प्रेम कुमार, देहात के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशांक कुमार, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसडी पाण्डेय, केडिया फ्रेश के अध्यक्ष आरके केडिया, कोका-कोला में फ्रूट
सर्कुलर इकोनॉमी के उपाध्यक्ष असीम पारेख मौजूद थे। कृषि मंत्री ने कहा कि लीची बिहार की हेरिटेज फसल है। किसान साल दर साल गिरावट महसूस कर रहे हैं। कोका कोला के उपाध्यक्ष असीम पारेख ने कहा कि हम किसानों की आय बढ़ाने और उनके रहन-सहन का स्तर ऊंचा उठाने में उनकी मदद करेंगे।
क्लस्टर में इसी सीजन से शुरू हाेगा बेहतर उत्पादन
राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसडी पाण्डेय ने बताया कि योजना के अनुसार इसी सीजन से काम शुरू हा़े जाएगा। पहले चरण में मुजफ्फरपुर के किसानों का क्लस्टर तैयार किया जाएगा। इन किसानों काे बेहतर उत्पादन के लिए बागानों की देखरेख के साथ उत्तम कृषि क्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
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