शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

बोनी के घर पहुंच सुखबीर बोले- पिता-पुत्र की शिअद में हुई वापसी, उनके जाते ही पलट गए अजनाला




अमृतसर/अजनाला.14 महीने पहले बादल विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाकर पार्टी से निकाले गए अमरपाल सिंह बोनी को खुद सुखबीर ने बड़े बादल की मौजूदगी में दोबारा शिअद में शामिल कर लिया। वीरवार को उन्होंने बकायदा नाम लेकर बेटे अमरपाल सिंह बोनी व पिता रतन सिंह अजनाला को पार्टी में शामिल करने का ट्वीट भी किया।

राजासांसी में कांग्रेस सरकार के खिलाफ रोष रैली में पहुंचने से पहले पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल बोनी के घर पहुंचे। जहां उन्होंने बोनी व उनके पिता रतन सिंह अजनाला के साथ 30 मिनट तक मीटिंग की। बाहर आते ही सुखबीर ने कहा, उन्हें खुशी है कि अजनाला परिवार शिअद में वापस आ गया है।

अजनाला परिवार अकाली दल को खड़ा करने वाला परिवार है। हालांकि सुखबीर के जाते ही रतन सिंह अजनाला ने शिअद में शामिल होने की बात से इनकार करते हुए बोले “सुखबीर से शिअद में वापसी वाली कोई बात नहीं हुई, वह मेरा हालचाल जानने आए थे’। उन्होंने कहा, बोनी चार चुनाव लड़ चुका है। उसकी अपनी राजनीतिक समझ है। वह रैली में भी नहीं गए।

बोनी के बदले सुर

14 महीने पहले टकसाली दल बनानेे वाले बोनी बोले, अकाली दल उनकी मां पार्टी है और मां तो मां ही होती है। “भांडे घर-घर खड़कदे एै।’जित्थे गए, ओ कदे इकट्ठे नहीं होणे, न टकसाली, न ढींडसा साहिब, न रविंदर सिंह। दुकानां ही इनियां ने। ओत्थे कुज ने कांग्रेस’च शामल करौण दी वी गल केही। अकाली दल नाल गिले शिकवे हुन दूर हो गए हण।

ये कदम अकालतख्त की ताैहीन

रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा- बाेनी ने यूटर्न लेकर न केवल अपने साथियाें काे धाेखा दिया, बल्कि अकालतख्त साहिब की भी ताैहीन की है। बाकी एक व्यक्ति के चले जाने से पार्टी काे काेई नुकसान नहीं हाेगा।

बड़े बादल बोले- सुखबीर की प्रधानगी में 10 साल राज भोगा

सुखबीर बादल को प्रधान मैंने नहीं, पार्टी की कोर कमेटी ने चुना था ये चाहते तो उसी वक्त विरोध करते। सुखबीर की प्रधानगी में 10 साल इन्होंने राज भोगा अब अचानक क्या हुआ। सुखबीर को बहाना बनाया जा रहा है। दाल में कुछ काला है।

चुनाव से दो साल पहले ही सुखबीर के 4 बड़े वादे
  • पंजाब के सभी 11 हजार गांवों में सीवरेज, सीमेंट की गलियां और स्ट्रीट लाइटें होंगी। अकाली सरकार बनने के बाद पांच साल में गांवों को शहरों जैसा बना देंगे।
  • बिजली की दरें 9 रुपए से घटाकर 5 रुपए प्रति यूनिट की जाएंगी।
  • दलित परिवारों को पिछली बार 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी थी। इसे बढ़ाकर 400 यूनिट करेंगे।
  • एससी स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप, जिसे कैप्टन सरकार ने बंद कर दिया है, दोबारा शुरू की जाएगी।


राजासांसी रैली में बोनी को शामिल करते।




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